आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार तड़के बड़ा सड़क हादसा हो गया। दिल्ली से हमीरपुर जा रही यात्रियों से भरी डबल डेकर स्लीपर बस चालक को नींद की झपकी आने के कारण आगे चल रहे डंपर में पीछे से जा घुसी। हादसा इतना भीषण था कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना में चालक सहित करीब एक दर्जन यात्री घायल हो गए। सूचना मिलते ही डौकी पुलिस और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

फतेहाबाद। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे ने यात्रियों में दहशत फैला दी। दिल्ली से हमीरपुर जा रही सवारियों से भरी एक डबल डेकर स्लीपर बस थाना डौकी क्षेत्र में आगे चल रहे डंपर से पीछे से टकरा गई। हादसे का कारण चालक को आई नींद की झपकी बताया जा रहा है। दुर्घटना इतनी तेज थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और बस में बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में चालक समेत लगभग एक दर्जन लोग घायल हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला जालौन के थाना कालपी क्षेत्र के नरहन निवासी बस चालक शैलेंद्र पुत्र गंगाराम चंदन विशाखा ट्रेवल्स की डबल डेकर स्लीपर कोच बस लेकर दिल्ली से हमीरपुर जा रहा था। बस में करीब 50 से 60 यात्री सवार थे। शुक्रवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे जब बस थाना डौकी क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 16.700 पर पहुंची, तभी चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई। इसी दौरान तेज रफ्तार बस आगे चल रहे डंपर में पीछे से जा भिड़ी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हादसे के बाद बस में बैठे यात्रियों को जोरदार झटका लगा और चारों ओर चीख-पुकार मच गई। कई यात्री सीटों से गिर पड़े जबकि कुछ लोग बस के अंदर फंस गए। रात का समय होने के कारण हादसे के तुरंत बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही थाना डौकी पुलिस और यूपीडा की टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई। पुलिस और राहत टीम ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल पहुंचाया गया। राहत और बचाव कार्य के दौरान एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
हादसे में बस चालक शैलेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके अलावा आशिक पुत्र कामता सिंह और उनकी पत्नी अनीता निवासी मवई गुर्जर, थाना कालपी, जिला महोबा, प्रद्युम्न सिंह पुत्र छोटे निवासी थाना कालपी, दुर्गेश पुत्र विजय निवासी कालपी, जिला जालौन, रमेश पुत्र छोटेलाल उम्र 42 वर्ष निवासी कुकरा, हमीरपुर तथा उनका 12 वर्षीय पुत्र नोयल भी घायल हो गए।
इसके अलावा वर्षा पत्नी संदीप निवासी सरीला, हमीरपुर तथा उनके दो बच्चे अंकुश और मानवी भी हादसे में चोटिल हो गए। रहमत पुत्र रुस्तम निवासी हमीरपुर और मुस्कान पुत्री रुस्तम भी घायलों में शामिल हैं। सभी घायलों को पुलिस और यूपीडा टीम की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया।
हादसे के बाद बस में मौजूद यात्रियों में दहशत का माहौल था। कई यात्री घबराए हुए बस से बाहर निकले और अपने परिजनों को फोन कर हादसे की जानकारी दी। कुछ यात्रियों ने बताया कि हादसे से पहले बस काफी तेज गति से चल रही थी। अचानक जोरदार आवाज के साथ बस डंपर में जा घुसी और यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में चालक को नींद की झपकी आने की बात सामने आई है। लंबे रूट पर लगातार वाहन चलाने के कारण कई बार चालक थकान का शिकार हो जाते हैं, जिससे इस प्रकार के हादसे हो जाते हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की बसों में सुरक्षा और चालक की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर देखा जाता है कि लंबी दूरी तय करने वाले चालक पर्याप्त आराम नहीं कर पाते, जिसके कारण उनींदापन सड़क हादसों का बड़ा कारण बन जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी दूरी के रूट पर चालकों की नियमित जांच और विश्राम व्यवस्था सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। रात के समय चालक की जरा सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन जाती है। कई लोगों ने एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति पर और सख्ती से निगरानी रखने की मांग की।
हादसे के बाद कुछ समय तक एक्सप्रेसवे पर यातायात धीमा रहा। पुलिस और यूपीडा की टीम ने क्षतिग्रस्त बस को किनारे कर यातायात सामान्य कराया। अधिकारियों ने बताया कि सभी घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचा दिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
पुलिस ने यात्रियों से भी अपील की है कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान यदि चालक थका हुआ दिखाई दे या वाहन अत्यधिक तेज गति से चल रहा हो तो तुरंत संबंधित ट्रैवल कंपनी या पुलिस हेल्पलाइन को सूचना दें। इससे समय रहते हादसों को रोका जा सकता है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और दुर्घटनाग्रस्त बस तथा डंपर को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। हादसे के बाद यात्रियों और उनके परिजनों में चिंता का माहौल बना हुआ है।

