आगरा। भगवान विष्णु के छठवें अवतार महर्षि भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा श्रद्धा, आस्था और सामाजिक एकता के संदेश के साथ निकाली गई। शमसाबाद रोड स्थित इन्द्रापुरम, राजपुर चुंगी से शुरू हुई इस शोभायात्रा का शुभारंभ प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने किया। दर्जनों झांकियों, भक्ति गीतों और सर्व समाज की भागीदारी के बीच सामाजिक समरसता, धर्म रक्षा और एकता का संदेश दिया गया। आयोजन में युवाओं, मातृशक्ति और वरिष्ठजनों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।

भगवान परशुराम शोभायात्रा आयोजन समिति की ओर से भगवान विष्णु के छठवें अवतार महर्षि भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा शमसाबाद रोड स्थित इन्द्रापुरम, राजपुर चुंगी में श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। शोभायात्रा में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता और सर्व समाज की एकजुटता का विशेष संदेश देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। आयोजन समिति ने उनका साफा पहनाकर स्वागत किया और भगवान परशुराम के शस्त्र प्रतीक चिन्ह फरसा भेंट कर सम्मानित किया। शोभायात्रा के आरंभ में भगवान परशुराम की विधिवत आरती की गई, जिसके बाद दर्जनों आकर्षक झांकियों के साथ यात्रा आगे बढ़ी।
इस अवसर पर योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि महर्षि भगवान परशुराम त्याग, बलिदान, शौर्य और पराक्रम के प्रतीक हैं। उन्होंने जीवन भर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष किया और समाज में धर्म की स्थापना के लिए कार्य किया। उनका फरसा केवल शस्त्र नहीं, बल्कि अधर्म के विनाश और न्याय की स्थापना का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु के छठवें अवतार के रूप में भगवान परशुराम का जीवन आज भी समाज को प्रेरणा देता है। उनका आदर्श केवल ब्राह्मण समाज ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भगवान परशुराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में सत्य, न्याय और धर्म की रक्षा के लिए आगे आएं।
भव्यता से परिपूर्ण इस आयोजन में युवाओं, मातृशक्ति, वरिष्ठजनों और समाज के विभिन्न वर्गों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। शोभायात्रा के दौरान भक्ति गीतों, धार्मिक नारों और पारंपरिक झांकियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मार्ग में कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
दर्जनों झांकियों के माध्यम से भगवान परशुराम के जीवन प्रसंगों, धर्म रक्षा, अन्याय के विरोध और सनातन परंपरा के मूल्यों को दर्शाया गया। शोभायात्रा में शामिल लोगों ने सामाजिक एकता, समरसता और सर्व समाज के सम्मान का संकल्प लिया। आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देना भी रहा।
इस अवसर पर सभी लोगों ने भगवान परशुराम से सुख, समृद्धि, उन्नति और समाज में शांति की कामना की। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में नई ऊर्जा भरते हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सीमा उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष हाथरस, मधुसूदन शर्मा, पूर्व विधायक बाह, अशोक दीक्षित, शोभायात्रा अध्यक्ष जितेंद्र दुबे, महामंत्री अजय शर्मा, महावीर शर्मा, देवेंद्र रावत, डॉ आलौकिक उपाध्याय, सूरज शर्मा, राजकुमार प्रधान पलिया सहित बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग उपस्थित रहे।
सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में निकली इस शोभायात्रा ने यह संदेश दिया कि धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता के माध्यम से समाज को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। भगवान परशुराम के आदर्श आज भी समाज को न्याय, साहस और समरसता की राह दिखाते हैं।

