किसानों ने तहसील पहुंचकर उठाई जलनिकासी और गौ-सुरक्षा की मांग
कब्जा न हटने और तस्करों पर कार्रवाई न होने पर घेराव का ऐलान
भाकियू (अराजनैतिक) ने एसडीएम को सौंपे दो अलग-अलग ज्ञापन
फतेहाबाद। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रदर्शन करते हुए उपजिलाधिकारी स्वाति शर्मा को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। पहले ज्ञापन में ग्राम पंचायत नगला हाजी के उपग्राम चर्रपुरा में पुराने नाले पर अवैध कब्जे के कारण जलनिकासी बाधित होने और किसानों की फसलें खराब होने की समस्या उठाई गई। वहीं दूसरे ज्ञापन में क्षेत्र में बढ़ रही गौ-तस्करी और अवैध गौ-हत्या की घटनाओं पर चिंता जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की गई। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो हजारों किसानों के साथ तहसील का घेराव किया जाएगा।

भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने सोमवार को तहसील परिसर पहुंचकर किसानों की समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई। तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर के नेतृत्व में पहुंचे पदाधिकारियों और किसानों ने उपजिलाधिकारी स्वाति शर्मा को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
पहला ज्ञापन ग्राम पंचायत नगला हाजी के उपग्राम चर्रपुरा की गंभीर समस्या को लेकर दिया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकारी अभिलेखों और राजस्व नक्शे में दर्ज पुराने नाले पर गांव के कुछ दबंग लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। इस कब्जे के कारण गांव के पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है, जिससे बरसाती और गंदा पानी खेतों में भर रहा है।
किसानों का कहना है कि पानी निकासी बंद होने से मेवाराम, बच्चूसिंह सहित दर्जनों किसानों की कृषि भूमि जलभराव की चपेट में आ गई है। खेतों में लगातार पानी जमा रहने के कारण फसलें खराब हो रही हैं और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
भाकियू पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि तत्काल मौके पर राजस्व विभाग की टीम भेजकर नाले की पैमाइश कराई जाए और कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए नाले को कब्जामुक्त कराया जाए, ताकि गांव की जलनिकासी व्यवस्था फिर से सुचारु हो सके।
दूसरे ज्ञापन में किसानों ने क्षेत्र में बढ़ रही गौ-तस्करी और अवैध गौ-हत्या की घटनाओं पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गौसंरक्षण को लेकर लगातार सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं, इसके बावजूद फतेहाबाद क्षेत्र में गौ-तस्करों के हौसले कम नहीं हो रहे हैं।
किसानों का कहना था कि रात के समय कई स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियां देखी जाती हैं, लेकिन प्रभावी निगरानी के अभाव में तस्कर आसानी से बच निकलते हैं। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने मांग की कि सभी पुलिस थानों को विशेष रूप से सतर्क किया जाए और गौ-तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
भाकियू नेताओं ने यह भी कहा कि केवल कार्रवाई की घोषणा से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि गौशालाओं को मजबूत बनाना भी जरूरी है। आवारा और बेसहारा पशुओं को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने के लिए गौशालाओं की व्यवस्था बेहतर की जाए, ताकि पशु सड़कों और खेतों में भटकने को मजबूर न हों।
यूनियन ने प्रशासन को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर नाले से अवैध कब्जा नहीं हटाया गया और गौ-तस्करों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो किसान चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि हजारों किसानों के साथ तहसील परिसर का घेराव किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो अनिश्चितकालीन धरना भी शुरू किया जाएगा।
तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर ने कहा कि किसान लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल रहा। अब किसान आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं और प्रशासन को उनकी मांगों पर गंभीरता से निर्णय लेना होगा।
इस दौरान गोविन्द सैंथिया ब्लॉक अध्यक्ष शमसाबाद, रामलाल वर्मा ब्लॉक अध्यक्ष फतेहाबाद, ब्रह्मलाल, छोटेलाल रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करता, तो बड़ा किसान आंदोलन किया जाएगा।

