- आगरा विश्वविद्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 पर पोस्टर का भव्य विमोचन
- महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता पर वक्ताओं ने रखे विचार
- छात्रों की भागीदारी से संवैधानिक विषयों पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर
आगरा स्थित डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक पोस्टर का भव्य विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी, शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कुलपति ने पोस्टर का विमोचन करते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है और समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों की समान भागीदारी भी आवश्यक है। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी महिला सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और युवाओं की सक्रिय भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला।
आगरा में डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय परिसर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में पोस्टर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के वरिष्ठ पदाधिकारी, शिक्षक और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
कुलपति ने पोस्टर का विमोचन करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं की समान भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि पुरुषों और महिलाओं दोनों की समान भूमिका से ही समाज में संतुलित विकास संभव है।
कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के समय में युवाओं की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे ऐसे सामाजिक और संवैधानिक विषयों पर सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और छात्रों को जागरूक नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव, औटा के महामंत्री, एनडी कॉलेज के प्राचार्य सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से छात्रों में सामाजिक और संवैधानिक विषयों के प्रति समझ और जागरूकता बढ़ती है।
कार्यक्रम समन्वयक ने बताया कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों में सामाजिक जिम्मेदारी और संवैधानिक मूल्यों के प्रति समझ विकसित करना है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा ताकि छात्रों को सही दिशा में प्रेरित किया जा सके।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने इस पहल की प्रशंसा की और भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने पर बल दिया।
इस अवसर पर एक छात्र स्वयंसेवक द्वारा तैयार किया गया आकर्षक और सारगर्भित पोस्टर विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसने कार्यक्रम की थीम को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के आयोजन में विभिन्न छात्र प्रतिनिधियों और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई और कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पूरे आयोजन में महिला सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
