➤ आगरा में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश
➤ इंटरनेशनल स्टेडियम, यमुना सफाई और जल आपूर्ति पर बड़ा फोकस
➤ बिजली, अतिक्रमण, राशन और गोशालाओं पर कार्रवाई के आदेश
आगरा में उत्तर प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस सभागार में जनपद में चल रही विकास योजनाओं, कानून व्यवस्था और विभिन्न सरकारी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने इंटरनेशनल स्टेडियम के लिए जमीन चिन्हित करने, यमुना नदी की सिल्ट सफाई और घाटों के मरम्मत कार्य को नमामि गंगे योजना के तहत कराने, बिजली विभाग की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, जल आपूर्ति सुधार, अतिक्रमण हटाने, कर्मचारियों के स्थानांतरण, गोशालाओं की स्थिति सुधारने, राशन वितरण में गड़बड़ी रोकने और किसानों से जुड़ी योजनाओं को तेजी से लागू करने जैसे कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ पहुंचाना है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आगरा की बेटी दीप्ति शर्मा के अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन की सराहना करते हुए शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम की आवश्यकता पर जोर दिया और प्रशासन को इसके लिए भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

यमुना नदी की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने घाटों की मरम्मत और सिल्ट सफाई को नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत प्रभावी रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी संरक्षण और शहर की स्वच्छता सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।

बिजली विभाग की शिकायतों पर उप मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने 25 प्रतिशत बिल भुगतान कर दिया है, उनके कनेक्शन तुरंत जोड़े जाएं और लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी सख्त निर्देश दिए गए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जो लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी, पंचायत सचिव, उपनिरीक्षक और सिपाही लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं, उनका स्थानांतरण किया जाए ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की मनमानी पर रोक लगे।
शहर में जल निकासी और पेयजल आपूर्ति की समस्याओं को लेकर उन्होंने एनएचएआई, सिंचाई विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम बनाकर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कई कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति न होने और पाइपलाइन कनेक्शन की समस्या पर भी तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए।
अतिक्रमण को लेकर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सड़क के बीच स्थित अवैध निर्माण और धार्मिक संरचनाओं पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए। इंद्रापुरम और नगला मेवाती में अवैध धार्मिक अतिक्रमण के मामलों पर भी रिपोर्ट तलब की गई और कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
फतेहाबाद रोड क्षेत्र में खुले में मीट बिक्री पर रोक लगाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों और गलियों की सही रीस्टोरेशन न होने की शिकायतों पर उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने और दोषी एजेंसियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
गोशालाओं की स्थिति पर असंतोष जताते हुए उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से जवाब तलब किया और एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। साथ ही गोचर भूमि से अवैध कब्जे हटाने, गोशालाओं में सीसीटीवी और बिजली कनेक्शन सुनिश्चित करने और गोबर गैस प्लांट की योजना तैयार करने को कहा गया।
पेंशन योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि जिले में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन बड़ी संख्या में दी जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पात्र आवासहीन लाभार्थियों को मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़ा जाए।
राशन वितरण में गड़बड़ी की शिकायतों पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि गरीबों के हक में किसी भी तरह की कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
किसानों से जुड़ी योजनाओं में फॉर्मर रजिस्ट्रेशन, उर्वरक आपूर्ति, गेहूं खरीद और अमृत तालाबों में जल भराव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में केंद्रीय मंत्री, विधायकगण, महापौर, पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम में विकास कार्यों को गति देने और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर दिया गया।
