- 12 किमी दूर मिला नवविवाहिता का शव, 6 महीने पहले हुई थी शादी
- हादसे से पहले वीडियो में ढोलक बजाते दिखा युवक भी मृतकों में शामिल
- एक श्रद्धालु अब भी लापता, 200 सदस्यीय टीम 20 किमी दायरे में तलाश में जुटी
वृंदावन: वृंदावन के केशी घाट पर हुए भीषण नाव हादसे के चौथे दिन दो और शव मिलने से मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। हादसे में लापता पंजाब के युवक और महिला के शव बरामद हुए हैं, जबकि एक श्रद्धालु अब भी लापता है। घटना के बाद प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल तेज हो गए हैं। इसी बीच एसडीएम मांट ऋतु सिरोही लंबी छुट्टी पर चली गई हैं और उनकी जगह नई तैनाती कर दी गई है, हालांकि प्रशासन ने छुट्टी को निजी कारण बताया है
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन स्थित केशी घाट पर 10 अप्रैल को हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद सोमवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान दो और शव बरामद किए गए। इनमें एक नवविवाहिता महिला और एक युवक शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार, महिला का शव घटना स्थल से करीब 12 किलोमीटर दूर बंगाली घाट पर मिला, जबकि युवक का शव देवरहा बाबा आश्रम के पास यमुना नदी से बरामद हुआ।
महिला की पहचान पंजाब के लुधियाना की रहने वाली मोनिका टंडन के रूप में हुई है। वह अपनी सास के साथ वृंदावन दर्शन के लिए आई थी। छह महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी और उसका पति विदेश में रह रहा है। जानकारी के मुताबिक, मोनिका भी जल्द विदेश जाने की तैयारी में थी। हादसे के दिन वह अपनी पड़ोसी डिंकी के साथ नाव में सवार थी, जिसकी लाश एक दिन पहले ही बरामद हो चुकी थी।
वहीं, युवक की पहचान 22 वर्षीय यश भल्ला के रूप में हुई है, जो लुधियाना का रहने वाला था। यश पहली बार वृंदावन आया था और धार्मिक संकीर्तन से जुड़े ‘बांके बिहारी ग्रुप’ के साथ सक्रिय था। हादसे से पहले सामने आए वीडियो में वह नाव में ढोलक बजाते हुए दिखाई दे रहा था। यश के परिवार में माता-पिता और बड़ा भाई हैं, जो अकाउंटेंट हैं, जबकि पिता कपड़े बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
इस हादसे में अब तक 15 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि हिमाचल प्रदेश के पंकज मल्होत्रा अभी भी लापता हैं। उन्हें ढूंढने के लिए सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों समेत करीब 200 लोगों की टीम 20 किलोमीटर के दायरे में सर्च ऑपरेशन चला रही है।
घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। इसी बीच मांट की एसडीएम ऋतु सिरोही लंबी छुट्टी पर चली गई हैं और उनकी जगह दीपिका मेहर को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह ने स्पष्ट किया है कि ऋतु सिरोही पहले से ही पारिवारिक कारणों से अवकाश पर जाने का आवेदन दे चुकी थीं और इसका हादसे से कोई संबंध नहीं है।
प्रशासन ने हादसे के बाद सुरक्षा के लिहाज से कई सख्त कदम उठाए हैं। अब बिना लाइफ जैकेट के नाव संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। नावों की फिटनेस हर छह महीने में अनिवार्य रूप से जांची जाएगी और क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही सीसीटीवी निगरानी, अनाउंसमेंट सिस्टम और नाविकों का रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य कर दिया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय तेज हवा चल रही थी और नाव संतुलन खो बैठी। नाविक ने चेतावनी के बावजूद नाव नहीं रोकी और पुल के पास टकराने के बाद नाव पलट गई। इस घटना ने प्रशासनिक तैयारियों और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

