आगरा। आगरा में सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज (SNMC) के चिकित्सकों और छात्रों ने नेशनल मेडिकोज़ ऑर्गेनाइजेशन (NMO) ब्रज प्रांत द्वारा आयोजित “पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्वास्थ्य सेवा यात्रा” के तहत सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया। रविवार को डॉ. प्रशांत गुप्ता के नेतृत्व में 200 से अधिक डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने 19 सेवा बस्तियों में कैंप लगाकर 1750 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया, जबकि गंभीर मरीजों को SNMC रेफर कर बेहतर इलाज सुनिश्चित किया गया। यह अभियान डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।

सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज (SNMC) के चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों ने एक बार फिर सेवा और समर्पण की मिसाल पेश की है। नेशनल मेडिकोज़ ऑर्गेनाइजेशन (NMO) ब्रज प्रांत द्वारा आयोजित “पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्वास्थ्य सेवा यात्रा” के तहत 12 अप्रैल को व्यापक स्तर पर चिकित्सा सेवा अभियान चलाया गया, जिसमें SNMC की टीम ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

डॉ. प्रशांत गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में 200 से अधिक चिकित्सकों और मेडिकल छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की। यह स्वास्थ्य सेवा यात्रा बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना था।
यह अभियान केवल आगरा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ब्रज प्रांत के विभिन्न जनपदों में आगरा, मथुरा, एटा, सैफई, बदायूं, बरेली, शाहजहाँपुर और पीलीभीत में एक साथ संचालित किया गया। आगरा में सेवा भारती के सहयोग से 19 सेवा बस्तियों में चिकित्सा शिविर लगाए गए, जहां कुल 1750 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
शिविरों के दौरान उन मरीजों की विशेष पहचान की गई, जिन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा उपचार की आवश्यकता थी। ऐसे मरीजों को आगे के इलाज के लिए SNMC रेफर किया गया, जहां उनके समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस पहल से न केवल तत्काल राहत मिली, बल्कि गंभीर मरीजों के लिए दीर्घकालिक उपचार का रास्ता भी खुला।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक रोहित , पूरन डावर, अशोक कुलश्रेष्ठ और डॉ. राकेश त्यागी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सेवा कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनते हैं और युवाओं को सेवा भाव के लिए प्रेरित करते हैं।
इस अभियान के दौरान सेवा भारती के कार्यकर्ताओं ने शिविरों के संचालन और व्यवस्थाओं को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सेवा विभाग एवं अन्य सेवा भावी कार्यकर्ताओं ने भी पूरे आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया। भवेन्द्र, सुनील, विजय गोयल और विमल सहित कई कार्यकर्ताओं का सहयोग सराहनीय रहा।

कार्यक्रम के समन्वय में डॉ. अंकुर गोयल और डॉ. विकास गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा डॉ. मयंक अग्रवाल, डॉ. वरुण अग्रवाल, डॉ. मनीष बंसल, डॉ. अतिहर्ष मोहन, डॉ. विपिन मंगल, डॉ. सुशील सिंघल, डॉ. पी. लावनिया, डॉ. पवन गुप्ता, डॉ. हिमालय, डॉ. अभिषेक अरोड़ा, डॉ. अभिषेक पाठक, डॉ. सी. प्रकाश, डॉ. वाई. चाहर, डॉ. राकेश मोहनिया और डॉ. प्रदीप देब सहित कई चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं।
इस अवसर पर डॉ. प्रशांत गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पूरी यात्रा का मूल उद्देश्य “नर सेवा ही नारायण सेवा” और “स्वास्थ्य सेवा ही राष्ट्र सेवा” है। उन्होंने कहा कि मेडिकल छात्रों द्वारा बस्तियों में जाकर सेवा देना न केवल उनके पेशेवर दायित्व को दर्शाता है, बल्कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को भी उजागर करता है।
यह स्वास्थ्य सेवा यात्रा न केवल चिकित्सा सेवा का माध्यम बनी, बल्कि समाज में जागरूकता और भरोसे का संदेश भी देने में सफल रही। SNMC के चिकित्सकों और छात्रों की यह पहल यह साबित करती है कि सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ किया गया कार्य समाज में वास्तविक बदलाव ला सकता है।

