आगरा: मिशन शक्ति फेज–5 के तहत डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की पहल पर नगला बूढ़ी क्षेत्र में महिलाओं और आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक प्रभावशाली कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास किया गया।

मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को सरकारी योजनाओं, उनके लाभ और आवेदन प्रक्रियाओं के बारे में जागरूक करना था, ताकि वे इन योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सकें। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जागरूकता ही सशक्त समाज की नींव होती है और सही जानकारी से महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

कार्यक्रम में बताया गया कि मिशन शक्ति अभियान महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को मजबूत करने के लिए चलाया जा रहा एक महत्वपूर्ण अभियान है। इस अभियान के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है और उन्हें समाज में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार और सामाजिक कल्याण से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि सरकार द्वारा महिलाओं के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन कई बार जानकारी के अभाव में पात्र लाभार्थी इन योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते। ऐसे में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई और बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में इन सेवाओं का उपयोग कैसे किया जा सकता है। साथ ही महिलाओं को यह भी समझाया गया कि किसी भी प्रकार के अन्याय या उत्पीड़न की स्थिति में वे बिना डर के अपनी आवाज उठा सकती हैं और कानूनी सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
इस कार्यक्रम को सरल और संवादात्मक तरीके से आयोजित किया गया, जिससे ग्रामीण महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने पूरे उत्साह के साथ इसमें भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने योजनाओं से जुड़े कई सवाल भी पूछे, जिनका विस्तार से उत्तर दिया गया। इससे उपस्थित महिलाओं को योजनाओं की जानकारी स्पष्ट रूप से समझ में आई।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षकों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। विद्यार्थियों ने ग्रामीण महिलाओं को योजनाओं के बारे में जानकारी देने और उन्हें जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी भागीदारी से कार्यक्रम अधिक प्रभावी और उपयोगी बन सका।
ग्रामीण महिलाओं और स्थानीय नागरिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल बना दिया। कई महिलाओं ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उनके लिए बेहद उपयोगी साबित होते हैं, क्योंकि इससे उन्हें सरकारी योजनाओं और अपने अधिकारों के बारे में सीधे जानकारी मिलती है।
नगला बूढ़ी में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण बना कि जब शिक्षा संस्थान समाज के साथ मिलकर कार्य करते हैं तो वे केवल शिक्षा का प्रसार ही नहीं करते, बल्कि सामाजिक जागरूकता और विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने की यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
