- डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग के छात्रों ने मलपुरा ग्राम में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया।
- ग्रामीणों को बच्चों के टीकाकरण, महिलाओं के स्वास्थ्य और सामान्य चिकित्सा सेवाओं के बारे में जागरूक किया गया।
- अभियान में छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई, जिससे स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा मिला।
आगरा: डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग के छात्रों द्वारा मलपुरा ग्राम, आगरा में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का सफल आयोजन किया गया। कुलपति के मार्गदर्शन में यह पहल ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण उदाहरण बन गई। कार्यक्रम में बच्चों के टीकाकरण, महिलाओं के स्वास्थ्य, सामान्य चिकित्सा सेवाओं और चिकित्सकीय सलाह के महत्व पर जोर दिया गया।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग ने ग्रामीण स्वास्थ्य को सशक्त बनाने और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मलपुरा ग्राम में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का संचालन समन्वयक डॉ. राजीव वर्मा ने छात्रों के सहयोग से किया। कुलपति के मार्गदर्शन में यह पहल ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण साबित हुई।
स्वास्थ्य शिविर के दौरान विशेष रूप से बच्चों के टीकाकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया। उपस्थित छात्र-छात्राओं ने ग्रामीणों को बताया कि समय पर टीकाकरण से बच्चे विभिन्न गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इस अभियान ने ग्रामीणों में चिकित्सकीय परामर्श के महत्व को रेखांकित किया और उन्हें स्वयं और अपने परिवार के स्वास्थ्य के प्रति सजग किया।
महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए उनके रक्तचाप और अन्य सामान्य स्वास्थ्य जांच की गई। ग्रामीण महिलाओं ने बढ़-चढ़कर इस पहल में भाग लिया। छात्र-छात्राओं ने उन्हें बताया कि स्वास्थ्य जागरूकता केवल व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि समाज में अन्य महिलाओं तक फैलाना भी आवश्यक है, ताकि एक सुरक्षित और सशक्त समाज का निर्माण हो सके।
अभियान के दौरान छात्रों ने ग्रामीणों को बताया कि स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाने से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने उदाहरण और व्यावहारिक जानकारी के माध्यम से यह समझाया कि सही समय पर चिकित्सा सहायता लेने से जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। छात्र-छात्राओं ने अपने सामाजिक कर्तव्य को निभाते हुए सेवा और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में ग्रामीणों का सहयोग भी सराहनीय रहा। छात्रों ने स्थानीय समुदाय के सहयोग से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सुनिश्चित किया। इसमें शुभम कुमार, सार्थक गोयल, सूरज सोलंकी, हिमांशु सोलंकी, गोविंद सिंह, प्रशांत सोलंकी, राधा रानी, सुधा चौधरी, पार्थ भदौरिया, सौरव, अक्षय दुबे सहित अनेक छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर ने ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता को मजबूती दी और यह दिखाया कि छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि स्वास्थ्य जागरूकता और समय पर चिकित्सा सहायता जीवन की सुरक्षा और समाज की भलाई के लिए आवश्यक हैं।
अंत में आयोजकों ने सभी उपस्थित प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और यह विश्वास जताया कि इस प्रकार के स्वास्थ्य अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे समाज में स्वास्थ्य-संवर्धन की भावना मजबूत हो और ग्रामीण समुदाय सशक्त और स्वस्थ बने।

