गोवर्धन (मथुरा)। आगामी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 3-दिवसीय दौरे को लेकर गोवर्धन और वृंदावन में सुरक्षा, व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारियां पूरी कर ली हैं। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने आज गोवर्धन परिक्रमा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर आगरा नगेन्द्र प्रताप सिंह, एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ, डीआईजी (आगरा जोन) शैलेश पांडेय, जिलाधिकारी मथुरा शैलेंद्र कुमार सिंह (सी.पी. सिंह) और एसएसपी श्लोक कुमार प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
निरीक्षण में अधिकारियों ने कच्ची परिक्रमा मार्ग की सुगमता, श्रद्धालुओं की चलने योग्य स्थिति, बाहरी परिक्रमा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन का रियल-टाइम आकलन किया। गोल्फ कार्ट का उपयोग कर पूरे मार्ग का मुआयना किया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एक स्थान से दूसरे स्थान तक वीवीआईपी मूवमेंट में कितना समय लगेगा। साथ ही ऊँची इमारतों और छतों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती (Rooftop Duty) की विस्तृत योजना बनाई गई।

सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के तहत प्रशासन ने विभिन्न मार्गों पर रूट डायवर्जन और वैकल्पिक रास्तों का निर्धारण किया है। एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों के बारे में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
परिक्रमा मार्ग में प्रकाश, पेयजल और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील बिंदुओं पर पुलिस बल की तैनाती और सीसीटीवी निगरानी को और मजबूत किया जाएगा।

राष्ट्रपति के दौरे में वन्य जीवों और बंदरों की समस्या का भी ध्यान रखा गया है। वृंदावन और गोवर्धन में बंदरों की बड़ी संख्या होने के कारण उनका उत्पात रोकने के लिए जगह-जगह लंगूरों के कट आउट लगाए जा रहे हैं। वन विभाग की पांच टीमें, प्रत्येक में करीब 30 सदस्य, राष्ट्रपति के दौरे के दौरान तैनात रहेंगी। टीमों के पास सुरक्षा उपकरण जैसे लाठी, डंडे, गुलेल और लेजर लाइट के साथ स्नेक रेस्क्यू किट भी उपलब्ध रहेगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वृंदावन में 8 प्रमुख स्थलों का दौरा करेंगी, जिनमें 3 मंदिर, 3 संतों के आश्रम, रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल और वात्सल्य ग्राम शामिल हैं। सुरक्षा की दृष्टि से सभी स्थलों पर ट्रेंड कर्मियों और वन रक्षकों की ड्यूटी रहेगी।
दौरे का पहला दिन 19 मार्च को हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के अवसर पर अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर से शुरू होगा, जहां राष्ट्रपति श्री राम यंत्र की स्थापना और विधिपूर्वक पूजन करेंगी। इसके बाद देर शाम वह प्रेम मंदिर जाएंगी, जिसे जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा 17 फरवरी 2012 को उद्घाटित किया गया था। प्रेम मंदिर में सफेद इटैलियन पत्थर का उपयोग किया गया है और यह मंदिर शाम की लाइटिंग के लिए भी प्रसिद्ध है।
दूसरे दिन 20 मार्च को राष्ट्रपति सुबह 7:25 बजे केली कुंज आश्रम पहुंचकर संत प्रेमानंद महाराज से आध्यात्मिक चर्चा करेंगी। इसके बाद संत उड़िया बाबा के निर्वाण दिवस पर उनके जन्मस्थली ओडिशा के आश्रम में पुष्पांजलि अर्पित करेंगी।
तीसरे दिन राष्ट्रपति विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संस्थानों का दौरा करेंगी, जिसमें इस्कॉन मंदिर सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं। गोवर्धन परिक्रमा के दौरान राष्ट्रपति गोल्फ कार्ट से 21 किलोमीटर का मार्ग तय करेंगी, जहां बंदरों को रोकने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए कट आउट और वन रक्षक तैनात रहेंगे।
एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत और वन रेंजर अतुल तिवारी ने बताया कि वन्य जीव कानून के तहत लंगूर को बांधकर नहीं रखा जा सकता, इसलिए कट आउट और प्रशिक्षित कर्मियों के माध्यम से सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही सांप आदि के लिए स्नेक कैचर भी तैनात किए गए हैं।
राष्ट्रपति का यह दौरा धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन की सघन तैयारी का उदाहरण है। गोवर्धन और वृंदावन में श्रद्धालुओं की सुविधा और वीवीआईपी मूवमेंट के सुचारु संचालन के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने हेलीपैड की वर्तमान स्थिति, आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता, सुरक्षा बलों की तैनाती, मार्गों की मरम्मत और परिक्रमा मार्ग पर संभावित बाधाओं की पहचान की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिये कि राष्ट्रपति के आगमन पर सुरक्षा और सुविधाओं की कोई कमी न रह जाए। विशेष रूप से उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि पर्यटक और स्थानीय लोगों के आवागमन में कोई रुकावट न आए।

साथ ही अधिकारियों ने ट्रैफिक प्रबंधन, चिकित्सकीय सुविधा, अग्नि सुरक्षा, रोशनी और मार्ग संकेतों का मूल्यांकन किया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन, पुलिस विभाग और यातायात नियंत्रकों को निर्देशित किया कि राष्ट्रपति के आगमन से पूर्व सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त करने के निर्देश अधीनस्थों को दिए।

