मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगरा में राजनीतिक और सरकारी कार्यक्रमों में शामिल हुए।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री ने किया संवाद योजनाओं की ली जानकारी
सरकारी विकास परियोजनाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान रहा केंद्रित
आगरा (ब्यूरो)। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का फीता काटकर उद्घाटन किया। आगमन पर खेरिया एयरपोर्ट पर जनपद के जनप्रतिनिधियों द्वारा पुष्पगुच्छ देकर भव्य स्वागत किया गया। तत्पश्चात मुख्यमंत्री फतेहाबाद रोड स्थित होटल अमर कन्वेंशन सेंटर में संगठन की बैठक में शामिल हुए और इसके बाद सिकंदरा, मथुरा-दिल्ली रोड स्थित यथार्थ मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पहुंचे तथा फीता काटकर शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में यथार्थ ग्रुप के संचालक कपिल त्यागी, अजय त्यागी और यथार्थ त्यागी ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ व मोमेंटो देकर स्वागत किया तथा यथार्थ ग्रुप और हॉस्पिटल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सिकंदरा में स्थित 250-बेड यथार्थ हॉस्पिटल, आगरा मल्टी सुपर स्पेशियलिटी में व्यापक टर्शियरी केयर सेवाएं प्रदान करने के लिए तैयार है। मरीजों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किए गए इस अस्पताल में अत्याधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, रोबोटिक सर्जरी, उन्नत क्रिटिकल केयर यूनिट्स और 24×7 इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध हैं। यह सुविधा आगरा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए उन्नत चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगी और जटिल इलाज के लिए दिल्ली-एनसीआर जाने की आवश्यकता को भी कम करेगी।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यथार्थ ग्रुप के इस आठवें अस्पताल के उद्घाटन के अवसर पर पूज्य संत विजय कौशल का पावन सानिध्य प्राप्त हो रहा है। केंद्रीय मंत्री और आगरा के सांसद प्रो एस.पी. सिंह बघेल, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सहयोगी योगेंद्र उपाध्याय, बेबी रानी मौर्य, यथार्थ ग्रुप के अध्यक्ष अजय त्यागी, मैनेजिंग डायरेक्टर कपिल त्यागी, डायरेक्टर यथार्थ त्यागी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के संयुक्त प्रचार प्रमुख कृपा शंकर, भाजपा प्रदेश के संगठन महामंत्री धर्मपाल और आगरा के विधायकगण समारोह में उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यथार्थ ग्रुप का यह आठवां हॉस्पिटल है यानी आपने अष्ट सिद्धि के रूप में आगरा में इस अस्पताल की स्थापना की है, तो नौ देवियों की कृपा होगी। मुझे विश्वास है कि यथार्थ ग्रुप के साथ प्रत्येक व्यक्ति को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त करने का अधिकार मिलना चाहिए। किसी भी स्वतंत्र राष्ट्र का प्रथम कर्तव्य है कि वह अपने नागरिकों को स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराए।

उन्होंने आगे कहा कि भारत को पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में नई पहचान मिली है। आज हम नए भारत का दर्शन कर रहे हैं, भारत दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बन रहा है। समग्र विकास की सभी अवधारणाएं हमारी आंखों के सामने साकार हो रही हैं। उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में हाईवे, एक्सप्रेसवे, पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए मेट्रो का संचालन और रेलवे की नई लाइनों की स्थापना की जा रही है। नई तकनीक से तैयार नए कोच, वंदे भारत, नमो भारत, अमृत भारत जैसी ट्रेनों द्वारा यात्रियों को यात्रा का अनुभव मिल रहा है।

डबल इंजन सरकार में उत्तर प्रदेश का विकास अद्भुत है। 70 वर्षों में जो कार्य हुए, उनसे ज्यादा मोदी सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल में हुए हैं। वायु सेवाओं के लिए एयरपोर्ट्स की सुविधाएं बढ़ी हैं। अटल सरकार के समय एक एम्स था, जो बढ़कर अब 6 एम्स हुआ, और मोदी सरकार ने इसे 30 तक बढ़ाया। देश में आईआईटी और ट्रिपल आईटी की श्रृंखला खड़ी हुई। उत्तर प्रदेश में 17 मेडिकल कॉलेज थे, आज 81 मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं। पहले वन-डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया था, उनकी सोच माफिया तक सीमित थी। हमने हर नागरिक को स्वास्थ्य सुविधा देने का संकल्प लिया और हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की।
उत्तर प्रदेश में रायबरेली और गोरखपुर में दो एम्स स्थापित किए गए हैं। विकास के साथ वेलफेयर स्कीमों के माध्यम से 6 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर लाया गया। पहले बीमारी आने पर पूरा परिवार कंगाल हो जाता था। आज आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा दिया गया है। उत्तर प्रदेश में 5 करोड़ 60 लाख गोल्डन कार्ड जारी हो चुके हैं और लक्ष्य 10 करोड़ है। अनुदेशक, शिक्षा मित्र, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर्स, रसोईया आदि मिलाकर कुल 10 लाख से अधिक लोगों को 5 लाख प्रति वर्ष की कैशलेस सुविधा दी गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जो लोग किसी योजना में नहीं आ पाते, उनके लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 1300 करोड़ रुपये स्वास्थ्य सुविधाओं हेतु उपलब्ध कराए गए हैं। अब हर जिले में फ्री डायलिसिस, सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रदेश में नई मेडिकल टेक्नोलॉजी लाने के लिए आईआईटी कानपुर और एसजीपीजीआई लखनऊ में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बन रहे हैं। दवाओं का उत्पादन यूपी में सुनिश्चित करने के लिए ललितपुर में 1500 एकड़ फार्मा पार्क विकसित हो रहा है और आगरा से 1 घंटे की दूरी पर यमुना एक्सप्रेसवे पर 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने उदाहरण दिया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में एन्सेफलाइटिस जैसी बीमारियां समाप्त हो गई हैं। 40 वर्षों में एन्सेफलाइटिस से 50,000 से अधिक मौतें हुई थीं। मलेरिया, चिकनगुनिया, कालाजार पर नियंत्रण के लिए भारत सरकार के साथ सर्विलांस बढ़ाई गई। कोविड महामारी के दौरान भी सामूहिक प्रयास से नियंत्रण संभव हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सीमाएं हैं, इसलिए निजी निवेश आवश्यक है। स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ नहीं है। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए नीति बनाई गई है। निजी क्षेत्र सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल या मेडिकल कॉलेज स्थापित कर सकता है और सरकार पूर्ण समर्थन करेगी। यथार्थ ग्रुप को और हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार, समाज और संस्थाएं एक दिशा में कार्य करती हैं, तो आमजन में विश्वास बनता है। यह उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी है और आज उत्तर प्रदेश विश्वास का प्रतीक है। प्रदेशवासियों को स्वस्थ जीवन देना, सस्ती, सुगम और विश्वसनीय स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना सरकार का लक्ष्य है।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रो एस.पी. सिंह बघेल, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा, विधायक रानी पक्षालिका सिंह, जीएस धर्मेश, बाबूलाल, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, डॉक्टर धर्मपाल, विधायक खेरागढ़ भगवान सिंह कुशवाहा, विधायक फतेहाबाद छोटेलाल वर्मा, एमएलसी विजय शिवहरे, संगठन महामंत्री धर्मपाल, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक प्रदीप भाटी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

