आगरा। जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर रविवार के अवकाश के दिन भी गेहूं क्रय केंद्रों को सामान्य कार्य दिवस की तरह चालू रखा गया। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) और प्रभारी अधिकारी गेहूं खरीद ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी तथा अन्य अधिकारियों के साथ किरावली क्षेत्र के विभिन्न गेहूँ क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई और किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया गया।
जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर किसानों के हित में जनपद के गेहूं क्रय केंद्रों को नियमित रूप से संचालित किया गया। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें समय पर उचित मूल्य प्राप्त हो सके।
इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) एवं प्रभारी अधिकारी गेहूं खरीद आगरा ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय एवं जिला प्रबंधक पीसीएफ आगरा तथा एडीसीओ सहकारिता किरावली के साथ किरावली तहसील क्षेत्र के कई गेहूं क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण किए गए केंद्रों में सीएमएस अछनेरा, सहकारी संघ अछनेरा, अछनेरा मंडी, बी-पैक्स रसूलपुर और फतेहपुर सीकरी मंडी शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंद्रों पर गेहूं खरीद व्यवस्था, तौल प्रक्रिया, किसानों के लिए बैठने की सुविधा, पेयजल व्यवस्था और अभिलेखों की स्थिति की गहन जांच की। अधिकारियों ने केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं सुचारू रूप से संचालित हो।
जिला प्रशासन द्वारा बताया गया कि शासन ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। जनपद में कुल 48 गेहूं क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जो लगातार किसानों से गेहूं की खरीद कर रहे हैं।
अब तक जनपद में 6364 किसानों ने खाद्य विभाग के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है, जिससे वे सरकारी खरीद योजना का लाभ ले सकें। वहीं अब तक 1150 किसानों से 4549.579 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। प्रशासन ने बताया कि गेहूँ खरीद की प्रक्रिया 15 जून 2026 तक जारी रहेगी, ताकि अधिक से अधिक किसान अपनी फसल सरकारी दर पर बेच सकें।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किसानों से बातचीत भी की और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। किसानों ने बताया कि क्रय केंद्रों पर व्यवस्था पहले की तुलना में बेहतर हुई है और उन्हें समय पर भुगतान तथा तौल की सुविधा मिल रही है।
अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे किसी भी बिचौलिए के माध्यम से अपनी उपज न बेचें और सीधे सरकारी क्रय केंद्रों पर पहुंचकर बिक्री करें। साथ ही उन्होंने किसानों को खाद्य विभाग के आधिकारिक पोर्टल https://fcs.up.gov.in/ पर पंजीकरण कराने की सलाह दी, ताकि वे सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ प्राप्त कर सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और गेहूँ खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। रविवारीय अवकाश के दिन भी क्रय केंद्रों का संचालन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे किसानों को अधिक सुविधा मिल सके।
इस पहल से किसानों में संतोष देखा गया और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में गेहूँ खरीद की प्रक्रिया और अधिक तेज होगी तथा अधिक किसानों को इसका लाभ मिलेगा।

