आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा द्वारा कुलपति के मार्गदर्शन में छात्रों का जम्मू एवं कश्मीर शैक्षिक भ्रमण सफलतापूर्वक संपन्न किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों की भौगोलिक एवं सामरिक विशेषताओं का अध्ययन कर राष्ट्रबोध की भावना को और अधिक प्रबल किया।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय की वुशु पुरुष एवं महिला टीम को अखिल भारतीय अंतरविश्वविद्यालय प्रतियोगिता हेतु श्रीनगर रवाना किया गया है, जहां टीम पदक जीतने के लक्ष्य के साथ प्रतिभाग कर रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे छात्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा ने शिक्षा, शोध, खेल और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। माननीय कुलपति के निर्देशन एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के समन्वय से शारीरिक शिक्षा विभाग के छात्रों का जम्मू एवं कश्मीर का शैक्षिक भ्रमण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की भौगोलिक परिस्थितियों, सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था तथा सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराना था।
इस शैक्षिक यात्रा में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं ने जम्मू-कश्मीर के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का अध्ययन एवं अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने बताया कि यह प्रदेश न केवल प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने विस्तार से समझा कि जम्मू एवं कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश है, जिसकी सीमाएँ उत्तर दिशा में चीन एवं अफगानिस्तान, पूर्व दिशा में तिब्बत तथा पश्चिम एवं दक्षिण-पश्चिम दिशा में पाकिस्तान से जुड़ी हुई हैं। इस प्रकार का प्रत्यक्ष अध्ययन उनके शैक्षणिक ज्ञान को और अधिक व्यावहारिक तथा सुदृढ़ बनाने वाला सिद्ध हुआ।
यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने जम्मू से उधमपुर, प्रसिद्ध पर्वतीय स्थल पटनीटॉप, भारत की सबसे महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग संरचनाओं में से एक चेनानी-नाशरी टनल, तथा आगे श्रीनगर, गुलमर्ग एवं पहलगाम घाटी का भ्रमण किया। इन सभी स्थानों की प्राकृतिक सुंदरता, बर्फीली पहाड़ियाँ, हरियाली से भरे दृश्य और आध्यात्मिक वातावरण ने छात्रों को गहराई से प्रभावित किया। कई विद्यार्थियों ने इसे “धरती पर स्वर्ग” जैसी अनुभूति बताया और कहा कि यह अनुभव उनके जीवन में अविस्मरणीय रहेगा।
छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस यात्रा ने न केवल उनके शैक्षणिक ज्ञान में वृद्धि की, बल्कि उनके भीतर राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और सीमाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता को भी मजबूत किया है। उन्होंने यह भी माना कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण से पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक जीवन की समझ विकसित होती है, जो भविष्य में उनके व्यक्तित्व निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय के खेलकूद विभाग के निदेशक डॉ. अखिलेश चन्द्र सक्सेना के नेतृत्व में विश्वविद्यालय की वुशु पुरुष एवं महिला टीम को कश्मीर विश्वविद्यालय, श्रीनगर द्वारा आयोजित अखिल भारतीय अंतरविश्वविद्यालय वुशु प्रतियोगिता में प्रतिभाग हेतु रवाना किया गया। यह प्रतियोगिता दिनांक 04 मई 2026 से 09 मई 2026 तक आयोजित की जा रही है।
टीम के साथ मैनेजर के रूप में डॉ. सुनीता सिंह तथा कोच के रूप में श्री बिजेन्द्र सिंह उपस्थित हैं, जो खिलाड़ियों को निरंतर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने टीम के प्रति पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए कहा है कि यह खिलाड़ी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।
कुलपति एवं विश्वविद्यालय प्रशासन ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय सदैव से ही शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करते हैं।
विश्वविद्यालय का मानना है कि शिक्षा, खेल और राष्ट्रप्रेम का समन्वय ही एक सशक्त युवा पीढ़ी का निर्माण कर सकता है। जम्मू-कश्मीर का यह शैक्षिक भ्रमण और वुशु टीम की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भागीदारी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को और अधिक ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
