सार
आगरा में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ हो गया है, जिसमें बैंक, बिजली विभाग, ट्रैफिक चालान और अन्य लंबित मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस लोक अदालत में लगभग 7.35 लाख से अधिक मामलों के समाधान का लक्ष्य रखा गया है, जिन्हें आपसी सहमति के आधार पर निपटाया जा रहा है।

आगरा। दीवानी कचहरी परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय कुमार मलिक ने फीता काटकर लोक अदालत की शुरुआत की। शुभारंभ के साथ ही पूरे जनपद में लंबित मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई।

कार्यक्रम के दौरान संजय कुमार मलिक ने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित और सरल समाधान करना है, जिससे लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था न्याय को आम जनता तक सरल तरीके से पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है।

यह लोक अदालत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के अनुसार आयोजित की जा रही है। इसमें बैंक, फाइनेंस कंपनियां, विद्युत विभाग, मोबाइल कंपनियां और अन्य विभागों से जुड़े मामलों का निस्तारण आपसी सहमति के आधार पर किया जा रहा है।

ट्रैफिक चालानों के निस्तारण के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। जिन लोगों के वाहन चालान न्यायालय में लंबित हैं, वे लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने मामलों का समाधान करा सकते हैं। इसके लिए वर्षवार मामलों को अलग-अलग न्यायालयों में निस्तारित करने की व्यवस्था की गई है।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 के चालानों का निस्तारण विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम, वर्ष 2023 के मामलों का निस्तारण विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय, वर्ष 2024 के मामलों का निस्तारण अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय संख्या-12 तथा वर्ष 2025 के मामलों का निस्तारण अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय संख्या-09 द्वारा किया जाएगा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पंकज कुमार-I ने बताया कि अब तक लगभग 7,35,000 से अधिक मामलों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें लोक अदालत में निस्तारण के लिए रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था न्याय प्रणाली को तेज और सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी सहमति से मामलों का निपटारा करना है, जिससे पक्षकारों को समय और धन दोनों की बचत हो सके। लोक अदालत शुरू होते ही विभिन्न विभागों के काउंटर सक्रिय हो गए और मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज कर दी गई। बैंक और वित्तीय संस्थानों से जुड़े मामलों में भी समझौते के आधार पर समाधान किया जा रहा है। दीवानी कचहरी परिसर में आने वाले पक्षकारों और अधिवक्ताओं के लिए पार्किंग की विशेष व्यवस्था गेट नंबर 5 के पास की गई है, ताकि किसी को असुविधा न हो। लोक अदालत को लेकर पूरे परिसर में भीड़ और सक्रियता देखी गई और बड़ी संख्या में मामलों के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया शुरू हो गई।
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सार
राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को जनपद ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। दीवानी, परिवार न्यायालय, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, बैंक, मोबाइल कंपनियों और प्री-लिटिगेशन समेत विभिन्न श्रेणियों के कुल 5,50,051 मामलों का निस्तारण किया गया। इस दौरान करोड़ों रुपये की प्रतिपूर्ति और समझौता धनराशि वितरित की गई।
आगरा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर जनपद में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश एवं अपर जनपद न्यायाधीशों की पीठों द्वारा 838 मामलों का निस्तारण किया गया, जिनमें 8.71 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया। परिवार न्यायालय एवं अतिरिक्त परिवार न्यायालयों में 58 मामलों का निस्तारण हुआ। वहीं मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी नरेंद्र कुमार पाण्डेय ने 71 मामलों का निस्तारण करते हुए पीड़ित पक्षों को 9.03 करोड़ रुपये से अधिक की प्रतिपूर्ति राशि दिलाई।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज, न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं अन्य न्यायालयों में कुल 8142 मामलों का निस्तारण हुआ, जिनमें 1.35 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया। जिला उपभोक्ता आयोग, स्थायी लोक अदालत और कॉमर्शियल कोर्ट ने भी 17 मामलों का निपटारा किया। वहीं वर्चुअल कोर्ट के माध्यम से 1.45 लाख से अधिक मोटर वाहन चालानों का निस्तारण किया गया।
दीवानी न्यायालय के अलावा तहसील, ब्लॉक स्तर, पुलिस आयुक्त कार्यालय, यातायात चालान, ग्रीन गैस, बीएसएनएल, मोबाइल कंपनियों और वित्तीय संस्थाओं से जुड़े 3.94 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण हुआ। विभिन्न बैंकों एवं फाइनेंस कंपनियों के 979 मामलों का प्री-लिटिगेशन के माध्यम से समझौता कराया गया, जिनमें लगभग 9.04 करोड़ रुपये की समझौता धनराशि तय हुई।

लोक अदालत में वादकारियों की सुविधा के लिए पूछताछ केंद्र बनाए गए थे। न्यायालय परिसर में दिनभर वादकारियों और अधिवक्ताओं की चहल-पहल रही। स्वास्थ्य विभाग की ओर से हेल्प डेस्क लगाकर लोगों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।
कार्यक्रम में तृप्ता चौधरी, पुष्कर उपाध्याय, शिव कुमार द्वितीय, पवन कुमार श्रीवास्तव, अमरजीत, शारिब अली, पंकज कुमार प्रथम सहित विभिन्न न्यायिक अधिकारी, बैंक अधिकारी, मोबाइल कंपनियों के प्रतिनिधि, अधिवक्ता, पत्रकार, पराविधिक स्वयं सेवक और कर्मचारी मौजूद रहे।

