आगरा। मरीजों को समय पर और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आगरा शाखा द्वारा एक विशेष नर्सिंग प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें नर्सिंग स्टाफ को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने, जीवन रक्षक तकनीकों को समझने, गंभीर मरीजों की देखभाल, संक्रमण नियंत्रण और आधुनिक चिकित्सा प्रक्रियाओं से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्यशाला में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताया कि अस्पतालों में मरीज की स्थिति बिगड़ने पर शुरुआती कुछ मिनट सबसे अधिक महत्वपूर्ण होते हैं और सही समय पर लिया गया निर्णय किसी व्यक्ति की जान बचाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। इस कार्यक्रम में लगभग 100 नर्सिंग कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आगरा के समाचार पत्र के द्वितीय संस्करण का भी विमोचन किया गया।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आगरा शाखा द्वारा गुरुवार को आईएमए भवन में “नर्सिंग कार्यशाला : आधार से उत्कृष्टता तक” विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। दोपहर एक बजे से शाम छह बजे तक चले इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े नर्सिंग कर्मियों ने उत्साह के साथ भागीदारी की। कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सिंग कर्मियों को तकनीकी रूप से और अधिक दक्ष बनाना तथा मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में उनके कौशल को मजबूत करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ. पंकज नगायच, सचिव डॉ. रजनीश मिश्रा, अध्यक्ष निर्वाचित डॉ. हरेंद्र गुप्ता, वैज्ञानिक सचिव डॉ. दीप्तिमाला तथा डॉ. वंदना कालरा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों ने नर्सिंग कर्मियों की भूमिका को चिकित्सा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताया।

अध्यक्ष डॉ. पंकज नगायच ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सिंग कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। मरीज अस्पताल पहुंचने के बाद सबसे पहले जिन लोगों के संपर्क में आता है, उनमें नर्सिंग कर्मी प्रमुख होते हैं। उन्होंने कहा कि हृदय गति रुकने की स्थिति में जीवन रक्षक प्रक्रिया, गंभीर मरीजों की देखभाल और संक्रमण जैसी महत्वपूर्ण परिस्थितियों को संभालने के लिए प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता होती है। ऐसे कार्यक्रम प्रदेश में सीमित स्तर पर आयोजित होते हैं और आईएमए आगरा लगातार इस दिशा में कार्य करता रहेगा।

सचिव डॉ. रजनीश मिश्रा ने कहा कि नर्सिंग कर्मी चिकित्सकों के सहयोगी के रूप में कार्य करते हैं और मरीज की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखते हैं। ऑपरेशन कक्ष से लेकर गहन चिकित्सा इकाई और सामान्य वार्ड तक नर्सिंग कर्मियों की जिम्मेदारी लगातार बनी रहती है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उनके ज्ञान और कार्यक्षमता को और मजबूत बनाते हैं।
कार्यक्रम की आयोजन सचिव डॉ. दीप्तिमाला ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला में लगभग सौ नर्सिंग कर्मियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देने के लिए मेदांता अस्पताल गुरुग्राम की विशेषज्ञ टीम को आमंत्रित किया गया था। विशेषज्ञों द्वारा नर्सिंग कर्मियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया ताकि वे वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर ढंग से कार्य कर सकें।
कार्यशाला के दौरान जीवन रक्षक सहायता की आवश्यकता पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों को आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराने और जीवन बचाने वाली तकनीकों का अभ्यास कराया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी गंभीर स्थिति में शुरुआती पांच मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं और इन क्षणों में सही निर्णय मरीज के जीवन को सुरक्षित कर सकता है।
कोषाध्यक्ष डॉ. मुकेश भारद्वाज ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण और प्रदर्शन भी किया गया। इनमें मरीज की बिगड़ती स्थिति के शुरुआती संकेतों की पहचान, अंतःशिरा दवा प्रक्रिया की सुरक्षित व्यवस्था, ऑक्सीजन उपचार और श्वसन मार्ग की देखभाल, संक्रमण नियंत्रण, हाथों की स्वच्छता, मूत्र कैथेटर प्रक्रिया, चिकित्सा अभिलेखों का महत्व तथा आपातकालीन स्थिति के दौरान उठाए जाने वाले प्रारंभिक कदम जैसे विषय शामिल रहे।
कार्यक्रम के मध्य सत्र में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आगरा के समाचार पत्र के द्वितीय संस्करण का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर डॉ. पंकज नगायच, डॉ. रजनीश मिश्रा, डॉ. हरेंद्र गुप्ता, डॉ. अनुप दीक्षित, डॉ. अंकुर गोयल, डॉ. संतोष कुमार, संपादक डॉ. अर्पिता, डॉ. दीप्तिमाला, डॉ. वंदना कालरा, डॉ. रणवीर त्यागी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। यह कार्यशाला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखी जा रही है।
