आमजन को सुरक्षित, शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद आगरा में मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध व्यापक विशेष अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश के आदेश तथा जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर की गई। अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमों ने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापेमारी करते हुए कुल 14 खाद्य नमूने जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे तथा 27 किलोग्राम घी जब्त किया।
आगरा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध एक सघन एवं प्रभावी विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा बाजार में मिलावटी एवं मानकविहीन खाद्य पदार्थों के विक्रय पर रोक लगाना था। यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश के आदेश एवं जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देशों के अनुपालन में की गई।

अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की विभिन्न टीमों ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित खाद्य पदार्थों के विक्रय प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। विशेष रूप से घी, खाद्य तेल एवं अन्य दैनिक उपयोग की खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान कुल 14 खाद्य नमूने संकलित किए गए, जिन्हें विस्तृत जांच हेतु प्रयोगशाला में भेजा गया है।

इन नमूनों में सरसों का तेल, रिफाइंड पामोलीन ऑयल, रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, रिफाइंड ग्राउंडनट ऑयल, राइस ब्रान ऑयल तथा काऊ घी के नमूने शामिल हैं। ये सभी नमूने जनपद के विभिन्न प्रतिष्ठानों से लिए गए, जिनमें प्रमुख रूप से पतंजलि फूड्स लिमिटेड, रिलायंस रिटेल लिमिटेड दयालबाग, एस.के. ट्रेडर्स, किशोर ट्रेडर्स तथा अन्य स्थानीय व्यापारिक इकाइयाँ शामिल रहीं।
अभियान के दौरान विभागीय टीमों ने संदिग्ध गुणवत्ता वाले घी को भी जब्त किया। सुदेश कुमार अग्रवाल निवासी डिफेंस कॉलोनी, बंडू कटरा, ग्वालियर रोड, आगरा के प्रतिष्ठान से 14 किलोग्राम घी जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 8,400 रुपये बताई गई है। इसी प्रकार आशीष ट्रेडर्स, माल का बाजार, आगरा से 13 किलोग्राम घी जब्त किया गया, जिसकी कीमत 7,215 रुपये आंकी गई है। इस प्रकार कुल 27 किलोग्राम घी जिसकी कुल अनुमानित कीमत 15,615 रुपये है, विभाग द्वारा कब्जे में लिया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी संकलित नमूनों को मानक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध यह अभियान केवल एक औपचारिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य बाजार में बिकने वाले सभी खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि जनपद में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नियमित निरीक्षण और औचक छापेमारी अभियान लगातार चलाए जाते रहेंगे। किसी भी प्रकार की लापरवाही, मिलावट या मानकविहीन खाद्य पदार्थों की बिक्री पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा टीमों ने बाजारों में दुकानों, गोदामों और वितरण केंद्रों का भी निरीक्षण किया। संदिग्ध उत्पादों को चिन्हित कर नमूने एकत्र किए गए तथा उन्हें प्रयोगशाला परीक्षण के लिए सुरक्षित तरीके से भेजा गया।
विभागीय अधिकारियों ने कहा कि आमजन को भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के प्रति जागरूक रहना चाहिए तथा किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना तुरंत प्रशासन को देनी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने यह भी कहा कि भविष्य में इस प्रकार के विशेष अभियान और अधिक सख्ती के साथ चलाए जाएंगे, जिससे जनपद में मिलावटखोरी पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित किया जा सके और नागरिकों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
