• छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर विश्वविद्यालय का जोर
• व्यक्तित्व निखार और प्रोफेशनल ग्रूमिंग पर विशेषज्ञ सत्र
• आत्मविश्वास ही सफलता की असली पहचान: आशिता बत्रा
आगरा। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में छात्राओं के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यक्तित्व विकास एवं मेकअप ग्रूमिंग पर एक विशेष विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने छात्राओं को आत्मविश्वास, संवाद कौशल, व्यक्तित्व निखार और पेशेवर प्रस्तुति के महत्व से अवगत कराया, जिससे उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सके।

विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद खंदारी परिसर स्थित सावित्रीबाई फुले भवन (महिला छात्रावास) द्वारा छात्राओं के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी के मार्गदर्शन में इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के एन.बी. हॉल में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लेकर अपने व्यक्तित्व को निखारने के गुर सीखे।

कार्यक्रम का आयोजन छात्रावास वार्डन डॉ. रत्ना पांडेय के नेतृत्व में किया गया। लगभग 85 छात्राओं की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन की सफलता को दर्शाती है। कार्यक्रम को आईईटी के निदेशक एवं डीन एकेडमिक प्रो. मनु प्रताप सिंह का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ, जिन्होंने ऐसे आयोजनों को समय की आवश्यकता बताया।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता आशिता बत्रा रहीं, जो ब्यूटी एवं वेलनेस विशेषज्ञ होने के साथ-साथ पर्सनैलिटी डेवलपमेंट ट्रेनर भी हैं। उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर छात्राओं को व्यक्तित्व विकास के विभिन्न आयामों से परिचित कराया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास और प्रभावी व्यक्तित्व ही सफलता की कुंजी बनते हैं।

व्याख्यान के प्रथम सत्र में उन्होंने संवाद कौशल, बॉडी लैंग्वेज, सही पोश्चर, प्रभावी अभिव्यक्ति और सकारात्मक व्यवहार जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को यह समझाया कि एक अच्छी मुस्कान, संतुलित बोलने की गति और सुनने की कला किसी भी व्यक्ति को भीड़ में अलग पहचान दिला सकती है। साथ ही उन्होंने आत्ममूल्यांकन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन्हें सुधारना और अपनी विशेषताओं को विकसित करना ही सच्चा व्यक्तित्व विकास है।

द्वितीय सत्र में आशिता बत्रा ने मेकअप और ग्रूमिंग के व्यावहारिक पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने ब्लशर, काजल और लिपस्टिक के सही उपयोग की तकनीक समझाई और यह बताया कि सरल एवं सुसंगत मेकअप व्यक्ति की प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाता है। इसके साथ ही उन्होंने व्यक्तिगत स्वच्छता, शरीर की देखभाल, संतुलित एक्सेसरीज़ के चयन और नियमित व्यायाम को भी दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

इस अवसर पर प्रो. मनु प्रताप सिंह ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक होते हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं। वहीं कार्यक्रम संयोजक डॉ. रत्ना पांडेय ने छात्राओं को आत्म-प्रस्तुति, शिष्टाचार और अनुशासन के महत्व से अवगत कराया।

कार्यक्रम में डॉ. रेखा शर्मा, डॉ. स्वेतलाना और डॉ. शालिनी शर्मा की उपस्थिति रही। आयोजन के संचालन में शिवानी गुप्ता और अंकिता माहेश्वरी का विशेष योगदान रहा, जिनके प्रयासों से कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के सत्र उन्हें न केवल आत्मविश्वास प्रदान करते हैं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए नई दिशा भी देते हैं।
कुलपति प्रो. आशु रानी ने आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि आज की युवा नारी शिक्षा के साथ-साथ आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही है। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे स्वयं पर विश्वास रखें, अपनी क्षमताओं को पहचानें और निरंतर अपने व्यक्तित्व को निखारने का प्रयास करें।
यह आयोजन विश्वविद्यालय की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और जीवन कौशल के क्षेत्र में भी सशक्त बनाया जा रहा है, ताकि वे समाज में एक सशक्त और प्रभावशाली भूमिका निभा सकें।
