आगरा: जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाली आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जनपद के विभिन्न विभागों में दर्ज शिकायतों के निस्तारण की स्थिति, फीडबैक की गुणवत्ता, लंबित मामलों की संख्या तथा शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने असंतुष्ट फीडबैक और डिफॉल्टर श्रेणी में आने वाले विभागों के प्रदर्शन पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आईजीआरएस पोर्टल की मॉनिटरिंग शासन स्तर पर प्रतिदिन की जाती है और उसी के आधार पर जनपद की रैंकिंग तय होती है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था जनता की समस्याओं के समाधान के लिए बनाई गई है, इसलिए इसका प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिक प्रक्रिया न होकर वास्तविक समाधान के रूप में किया जाए, ताकि शिकायतकर्ता को मौके पर ही राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे स्वयं शिकायतकर्ता से फोन पर वार्ता करें, उनकी समस्या को विस्तार से समझें और उसके समाधान की दिशा में त्वरित कार्रवाई करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रत्येक शिकायत का उत्तर अनिवार्य रूप से पोर्टल पर दर्ज किया जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यालय में प्रतिदिन आईजीआरएस पोर्टल की स्वयं मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर शिकायत को लंबित रखना या टालमटोल करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर आईजीआरएस पोर्टल की लगातार निगरानी की जाती है और उसी के आधार पर जनपदों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन होता है, इसलिए सभी अधिकारी इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दें और प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लें।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता में सुधार किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतकर्ता को वास्तविक समाधान प्राप्त हो, न कि केवल औपचारिक उत्तर। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई व्यवस्था को मजबूत बनाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन आजाद भगत सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला, अपर जिलाधिकारी प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी, अपर जिलाधिकारी नगर यमुनाधर चौहान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव, उपनिदेशक कृषि मुकेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार गोंड, जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार सहित जनपद के समस्त विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ शिकायतों का निस्तारण करें, ताकि जनता को समय पर न्याय और संतोषजनक समाधान मिल सके।

