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Vrindavan News: वृंदावन में अक्षय तृतीया पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

Pharmacy students of Dr. Bhimrao Ambedkar University conducting free health checkup of 400 saints and elderly people at Mor Kuti Ashram Vrindavan during Akshaya Tritiya health campवृंदावन स्वास्थ्य शिविर में संतों की नि:शुल्क जांच।
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वृंदावन (मथुरा): डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के नेताजी सुभाष चंद्र बोस छलेसर परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड पैरामेडिकल साइंसेस द्वारा अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर श्रद्धा, सेवा और मानवता की भावना के साथ एक विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं संत सेवा शिविर का आयोजन मोरकुटी आश्रम, श्रीधाम वृंदावन (मथुरा) में किया गया। यह पूरा आयोजन माननीय कुलपति प्रोफेसर आशु रानी के संरक्षण में सम्पन्न हुआ, जिसका उद्देश्य समाज के वंचित एवं वृद्ध संतों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना था।

इस सेवा शिविर में फार्म.डी. के छात्र-छात्राओं ने अत्यंत सक्रिय भूमिका निभाई और सेवा भाव का उत्कृष्ट परिचय देते हुए कुल 400 संतों एवं वृद्ध माताओं का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया। यह जांच केवल औपचारिकता नहीं बल्कि एक पूर्ण स्वास्थ्य मूल्यांकन प्रक्रिया के रूप में आयोजित की गई, जिसमें पल्स रेट, हार्ट रेट, बॉडी मास इंडेक्स (BMI), ब्लड प्रेशर, रैंडम ब्लड शुगर (RBS), स्पाइरोमेट्री, शरीर का तापमान, ब्लड ग्रुप और ऑक्सीजन सैचुरेशन (SpO₂) जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण जांचें शामिल रहीं।

इन सभी परीक्षणों के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य की स्थिति को गहराई से समझने का प्रयास किया गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह और उपचार सुनिश्चित किया जा सके। शिविर में उपस्थित चिकित्सा विशेषज्ञों और छात्रों ने मिलकर संतों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का संकलन किया और उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया।

इस अवसर पर संस्थान की ओर से 80 पोषण पैकेट भी वितरित किए गए, जिनमें संतुलित और पौष्टिक आहार सामग्री शामिल थी। इन पैकेट्स का उद्देश्य आश्रम में निवास कर रहे संतों और वृद्धजनों को पोषण सुरक्षा प्रदान करना था। यह पहल उनके दैनिक जीवन में स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान मानी गई।

शिविर के दौरान फार्म.डी. के विद्यार्थियों ने केवल चिकित्सा जांच तक ही अपनी भूमिका सीमित नहीं रखी, बल्कि उन्होंने पूर्ण समर्पण के साथ संतों की सेवा भी की। विद्यार्थियों ने भोजन परोसने से लेकर उनकी आवश्यकताओं को समझने और सहायता प्रदान करने तक हर स्तर पर सक्रिय भागीदारी निभाई। इस सेवा भाव ने पूरे आयोजन को एक आध्यात्मिक और मानवीय स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित संतों और आश्रम के पदाधिकारियों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय और इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड पैरामेडिकल साइंसेस के इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सेवा कार्य न केवल समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को मानवता, करुणा और सेवा के मूल्यों से भी जोड़ते हैं।

यह पूरा आयोजन फार्मेसी विभाग के निदेशक प्रोफेसर बिंदु शेखर शर्मा तथा विभागाध्यक्ष डॉ. रवि शेखर के कुशल नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। शिविर के सफल आयोजन की जिम्मेदारी डॉ. गौरव राजौरिया ने निभाई। आयोजन को सफल बनाने में छात्र अमन, यश, राहुल सहित फार्म.डी. के अन्य विद्यार्थियों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और पूरी निष्ठा से कार्य किया।

कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित संतों, वृद्धजनों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और कल्याण की मंगलकामनाओं के साथ किया गया। यह आयोजन न केवल एक स्वास्थ्य शिविर था, बल्कि सेवा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया, जिसने चिकित्सा शिक्षा को मानव सेवा से जोड़ने का सशक्त संदेश दिया।

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