- पुलिस ने 48 घंटे में मोबाइल बरामद कर महिला को वापस किया
- सीसीटीवी फुटेज की मदद से तेज़ और प्रभावी जांच
- महिला ने पुलिस की तत्परता और सेवा की प्रशंसा की
फतेहाबाद। फतेहाबाद पुलिस ने बाजार में खोए महिला के मोबाइल फोन को 48 घंटे के भीतर बरामद कर उसे महिला को सौंपा। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से मोबाइल की तलाश की और कार्रवाई पूरी कर पीड़िता को राहत दिलाई।
थाना निबोहरा क्षेत्र की पुलिस ने बाजार में खोया हुआ मोबाइल फोन 48 घंटे के भीतर बरामद कर महिला को सौंपा। घटना के अनुसार, गांव नेहरे का पुरा निवासी शारदा पत्नी खेतपाल ने 28 मार्च को बाजार में खरीदारी करने के दौरान अपना मोबाइल फोन खो दिया था। काफी खोजबीन करने के बाद भी मोबाइल नहीं मिला, इसलिए पीड़िता ने थाना फतेहाबाद में शिकायत दर्ज कराई।
कस्बा इंचार्ज सुमित ने बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले पीड़िता से विस्तृत जानकारी लेकर घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। पुलिस टीम ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच शुरू की। फुटेज में स्पष्ट रूप से दिखा कि मोबाइल किस मार्ग से गया और संभावित समय का अंदाजा लगाया जा सका।
गुरुवार को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मोबाइल का पता लगा लिया और उसे बरामद कर महिला को सौंप दिया। मोबाइल फोन पाते ही शारदा ने थाना फतेहाबाद पुलिस की तत्परता और तेज़ कार्रवाई की प्रशंसा की और धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की सहायता से उनका बहुमूल्य मोबाइल सुरक्षित लौट आया।
पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई में न केवल मोबाइल बरामद किया गया बल्कि पीड़िता को मानसिक शांति भी मिली। पुलिस की तेज़ और प्रभावी जांच ने यह साबित किया कि शिकायत मिलने पर त्वरित और निर्णायक कार्रवाई की जाती है। घटना के दौरान थाना निबोहरा के सभी संबंधित स्टाफ ने मिलकर पूरे प्रोसेस में सक्रिय भूमिका निभाई।
इस घटना ने स्थानीय नागरिकों में पुलिस पर विश्वास को और मजबूत किया है। इससे यह संदेश भी गया कि अगर किसी की संपत्ति खो जाती है तो पुलिस उचित तकनीकी मदद और फॉलो-अप के माध्यम से शीघ्र परिणाम देती है। मोबाइल फोन बरामदगी की यह घटना प्रशासनिक तत्परता और क्षेत्रीय निगरानी की क्षमता को उजागर करती है।
थाना फतेहाबाद ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी और नागरिकों को किसी भी परिस्थिति में पुलिस से सहयोग लेने में हिचकिचाना नहीं चाहिए। पीड़िता और पुलिस के बीच सहयोग ने यह सुनिश्चित किया कि मामला जल्द और संतोषजनक तरीके से सुलझा।
इस प्रकार पुलिस की कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ कि तकनीकी निगरानी और सक्रिय टीमवर्क से खोई हुई संपत्ति को शीघ्र बरामद किया जा सकता है। महिला के मोबाइल की वापसी से न केवल उसका बहुमूल्य उपकरण सुरक्षित रहा, बल्कि पुलिस की सेवा और तत्परता के प्रति आमजन में विश्वास भी बढ़ा।

