आगरा। जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में नवीन सर्किट हाउस सभागार में फार्मर रजिस्ट्री/फार्मर आईडी की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि जनपद में पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत पंजीकृत 3,84,632 किसानों में से 2,83,552 किसानों की फार्मर आईडी तैयार हो चुकी है, जो कुल लक्ष्य का 73.72 प्रतिशत है। बैठक में तहसीलवार प्रगति की समीक्षा करते हुए शेष किसानों के शीघ्र पंजीकरण हेतु अभियान को मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक ग्राम पंचायत में 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चल रहा है, जिसमें सीएससी, लेखपाल, खंड विकास अधिकारी एवं अन्य विभागों को समन्वय कर शेष किसानों का पंजीकरण 2 से 3 दिनों में पूर्ण करने पर जोर दिया गया। साथ ही ग्राम प्रधानों के सहयोग से शेष लगभग एक लाख से अधिक किसानों को शीघ्र जोड़ने की रणनीति तय की गई।

आगरा। जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में गुरुवार को नवीन सर्किट हाउस सभागार में जनपद में चल रहे फार्मर रजिस्ट्रेशन एवं फार्मर आईडी निर्माण कार्य की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में चल रहे इस महत्वपूर्ण अभियान की प्रगति, तहसीलवार स्थिति तथा शेष लक्ष्यों की पूर्ति को लेकर गहन चर्चा की गई।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन आजाद भगत सिंह ने बैठक में जानकारी दी कि जनपद में पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत कुल 3,84,632 किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से अब तक 2,83,552 किसानों की फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है। यह कुल लक्ष्य का 73.72 प्रतिशत है। उन्होंने तहसीलवार प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि तहसील सदर में 44,241 में से 30,205, तहसील बाह में 75,538 में से 45,813, तहसील एत्मादपुर में 56,523 में से 48,010, तहसील फतेहाबाद में 60,922 में से 47,833, तहसील खेरागढ़ में 77,520 में से 58,835 तथा तहसील किरावली में 69,888 में से 52,856 किसानों की फार्मर आईडी का कार्य पूर्ण हो चुका है।
जिलाधिकारी ने तहसीलवार प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जहां भी कार्य की गति धीमी है, वहां विशेष टीम गठित कर गांववार कम प्रगति वाले क्षेत्रों की पहचान की जाए और मिशन मोड पर अगले दो से तीन दिनों में शेष किसानों का पंजीकरण पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी कार्य किसी भी स्थिति में लंबित नहीं रहना चाहिए और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 05 सदस्यीय समिति के माध्यम से पूरे अभियान की निरंतर निगरानी की जाएगी, जिससे जनपद की रैंकिंग में सुधार सुनिश्चित हो सके। साथ ही जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधानों का सहयोग लिया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस अभियान से जोड़ा जा सके।
उन्होंने पंचायत राज विभाग, जिला आपूर्ति विभाग तथा डीसी मनरेगा को निर्देश दिए कि ग्राम प्रधानों, कोटेदारों एवं अन्य स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर किसानों में व्यापक जन-जागरूकता फैलाई जाए। जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उन्हें चिन्हित कर तत्काल पंजीकरण कराया जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि गांवों में विशेष कैंप आयोजित किए जाएं ताकि कोई भी पात्र किसान इस योजना से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि 30 अप्रैल तक प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष अभियान चलाया जा रहा है और इस अवधि में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना अनिवार्य है।
उन्होंने किसान भाइयों से अपील करते हुए कहा कि फार्मर आईडी अनिवार्य है और इसके बिना सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करना संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी बनने से किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि, सब्सिडी पर खाद-बीज, फसल बिक्री और अन्य सरकारी सुविधाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य को पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन, समस्त उप जिलाधिकारी, डीसी मनरेगा, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी सहित जनसेवा केंद्र के जिला समन्वयक उपस्थित रहे।
