18 मार्च से शुरू होगा मूल्यांकन, 1 अप्रैल तक चलेगा कार्य
सीसीटीवी, वॉयस रिकॉर्डिंग और वेबकास्टिंग से होगी निगरानी
मूल्यांकन केंद्रों पर मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित
आगरा ब्यूरो। यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से शुरू होकर 1 अप्रैल तक चलेगा। जिले में इस कार्य के लिए चार मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर डीएम स्तर से स्टेटिक मजिस्ट्रेट और जिला स्तर पर एक पर्यवेक्षक तैनात रहेंगे, जिन्हें मूल्यांकन शुरू होने से एक घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना होगा।
संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश अग्रवाल ने बताया कि मूल्यांकन कार्य पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरों, वॉयस रिकॉर्डिंग और वेबकास्टिंग के माध्यम से जिला एवं राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से मॉनिटर किया जाएगा। परीक्षकों को 17 मार्च को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि 16 मार्च को उनकी उपस्थिति दर्ज कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि परीक्षक प्रतिदिन हाईस्कूल की अधिकतम 50 और इंटरमीडिएट की 45 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करेंगे। गणित और विज्ञान विषयों में स्टेप मार्किंग लागू होगी और हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं में 50 से अधिक अंक नहीं दिए जाएंगे।
मूल्यांकन केंद्रों पर मोबाइल और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित रहेंगे। बिना परिचय पत्र प्रवेश नहीं मिलेगा। यदि किसी भी स्थिति में गोपनीयता भंग होती है, तो विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा के लिए केंद्रों पर सशस्त्र पुलिस तैनात रहेगी और मूल्यांकन के दौरान कॉपियां ले जाने वाले वाहनों के साथ भी पुलिस बल की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी।
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बताया कि मंडल के सभी डीआईओएस को मूल्यांकन कार्य की तैयारी के दिशा-निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो।
परीक्षकों और पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय पर केंद्र पहुंचें, सभी नियमों का पालन करें और मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत रिपोर्ट करें। इस बार के मूल्यांकन में उच्च स्तरीय निगरानी और सुरक्षा के उपाय किए गए हैं ताकि छात्रों के परीक्षाफल की विश्वसनीयता बनी रहे।
12 मार्च को इंटरमीडिएट संस्कृत परीक्षा रिजर्व सेट से होगी
यूपी बोर्ड की 12 मार्च बृहस्पतिवार को सायं पाली में होने वाली इंटरमीडिएट संस्कृत परीक्षा जिले में रिजर्व सेट के प्रश्नपत्रों से कराई जाएगी। यह निर्णय अपरिहार्य कारणों से लिया गया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने बताया कि रिजर्व सेट की आलमारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार केंद्र व्यवस्थापक, बाह्य केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट तथा संबंधित थानाध्यक्ष या नामित सब-इंस्पेक्टर की उपस्थिति में खोली जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य सेट के संस्कृत प्रश्नपत्रों का उपयोग नहीं किया जाएगा और उन्हें सुरक्षित रूप से अवशेष प्रश्नपत्रों वाली आलमारी में रखा जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत परीक्षा के संचालन में सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
जिले के सभी परीक्षा केंद्रों में प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कड़ा किया गया है। परीक्षकों और केंद्र पर्यवेक्षकों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित करें।
इस निर्णय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा बिना किसी व्यवधान और गड़बड़ी के संपन्न हो और छात्रों का हित सुरक्षित रहे। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों में स्टैटिक मजिस्ट्रेट और पुलिस की निगरानी रहेगी, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता बनी रहे।

