आगरा। एनएसएस विशेष शिविर के छठे दिन जुम्बा डांस, स्वच्छता अभियान और नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अंतर्गत आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के दौरान किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत लक्ष्य गीत के साथ हुई। लक्ष्य गीत के माध्यम से स्वयंसेवकों में सेवा, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभिक चरण में स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ लक्ष्य गीत में भाग लेकर शिविर की गतिविधियों का शुभारंभ किया।

इसके पश्चात स्वयंसेवकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जुम्बा डांस का आयोजन किया गया। इस गतिविधि में स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और संगीत की लय पर सामूहिक रूप से जुम्बा करते हुए शारीरिक फिटनेस और स्वास्थ्य के महत्व को समझा। इस दौरान स्वयंसेवकों को बताया गया कि स्वस्थ शरीर और सक्रिय जीवनशैली युवाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है। जुम्बा डांस के माध्यम से युवाओं को नियमित व्यायाम, शारीरिक सक्रियता और मानसिक तनाव से मुक्ति के लिए फिटनेस गतिविधियों को अपनाने का संदेश भी दिया गया।

इसी क्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा पूरे पालीवाल परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत स्वयंसेवकों ने परिसर के विभिन्न स्थानों पर साफ-सफाई करते हुए श्रमदान किया। स्वयंसेवकों ने परिसर में कूड़ा-करकट हटाकर स्वच्छता का संदेश दिया और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के महत्व को समझाया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने यह भी संदेश दिया कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं बल्कि एक सतत आदत है, जिसे हर व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में अपनाना चाहिए। स्वच्छता अभियान के माध्यम से स्वयंसेवकों ने “स्वच्छ परिसर, स्वस्थ परिसर” का संदेश भी दिया और अन्य लोगों को भी साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलक को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों ने अपने नृत्य प्रदर्शन के माध्यम से भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, लोककलाओं और रंग-बिरंगी सांस्कृतिक विरासत को मंच पर प्रस्तुत किया। अलग-अलग राज्यों की लोक एवं सांस्कृतिक शैलियों पर आधारित प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बना दिया। दर्शकों ने भी इन प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
नृत्य प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक प्रमुख डॉ. पुरुषोत्तम मयूरा उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करते हुए उनकी कला, प्रस्तुति शैली और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति की सराहना की। उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नीरज मैम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने शिविर की विभिन्न गतिविधियों के संचालन और आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके साथ ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. मनोज कुमार राठौर का भी विशेष सहयोग रहा, जिनके मार्गदर्शन में कार्यक्रम की सभी गतिविधियाँ सुचारु रूप से संपन्न हुईं।
इस अवसर पर वरिष्ठ स्वयंसेवक नंदनी सिंह, शुभम सिंह, अमन सिकरवार और निखिल गौर भी उपस्थित रहे। इन सभी वरिष्ठ स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम के संचालन, व्यवस्थाओं और विभिन्न गतिविधियों के समन्वय में सक्रिय सहयोग प्रदान किया, जिससे पूरा आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
पूरे कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों में उत्साह, ऊर्जा और सेवा भावना का विशेष वातावरण देखने को मिला। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को सामाजिक सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता, स्वच्छता और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। राष्ट्रगान के साथ सभी स्वयंसेवकों ने देश के प्रति सम्मान और एकता की भावना को व्यक्त किया तथा शिविर की गतिविधियों को सफल बनाने के लिए सभी ने सामूहिक सहभागिता का संकल्प भी लिया।

