आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विकास संस्थान की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन का कार्यक्रम उत्साह और सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। दिन की शुरुआत प्रतिभागियों द्वारा गाए गए लक्ष्य गीत से हुई, जिसने पूरे शिविर का वातावरण जीवंत और उत्साहपूर्ण बना दिया।

शिविर की चारों टीमों ने नगर के विभिन्न हिस्सों में जाकर सामाजिक जागरूकता को बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए। टीम-A ने सुल्तानगंज चौराह पर मतदान जागरूकता को केंद्र में रखते हुए नाटक पेश किया। टीम-B ने पीर कल्याणी क्षेत्र में दहेज प्रथा के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। टीम-C ने गधापारा क्षेत्र में स्वच्छता अभियान को लेकर नागरिकों को संदेश दिया, जबकि टीम-D ने होली चौराहे पर नशा मुक्ति के महत्व पर नाटक करके उपस्थित लोगों को प्रेरित किया। इन नुक्कड़ नाटकों ने न केवल संदेश फैलाने का काम किया बल्कि स्थानीय नागरिकों को सक्रिय भागीदारी के लिए भी प्रेरित किया।
इसके बाद जुबली हॉल में सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें संगीत और स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता शामिल थी, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नीरज कुशवाह ने इस आयोजन का नेतृत्व किया और निर्णायक मंडल में डॉ. आभा सिंह, डॉ. भरत सिंह और डॉ. इति गोस्वामी ने प्रतिभागियों के प्रदर्शनों का मूल्यांकन किया। प्रतियोगिता में छात्रों की भावपूर्ण प्रस्तुति और रचनात्मकता ने सभी उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
एनएसएस शिविर के पांचवें दिन को सफलतापूर्वक संचालित करने में वरिष्ठ स्वयंसेवक अमन सिकरवाल, निखिल कुमार, नंदिनी सिंह और शुभम सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके साथ ही टीम लीडर्स अनुराग कुमार, खुशी कुमारी, सुरभी मिश्रा, युवराज चाहर, अयान यादव, अंशुल शर्मा, मयंक प्रताप सिंह और कार्तिकेय सिंह ने शिविर में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की और प्रत्येक गतिविधि को सुचारू रूप से संपन्न कराया।
शिविर के इस दिन की गतिविधियों ने न केवल प्रतिभागियों में सामाजिक और नैतिक जागरूकता बढ़ाई, बल्कि उन्हें नेतृत्व, टीम वर्क और रचनात्मकता के महत्व से भी अवगत कराया। नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सकारात्मक संदेश पहुंचाया गया। साथ ही छात्रों और स्वयंसेवकों ने स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद करके मतदान, स्वच्छता, दहेज प्रथा और नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की और जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
समग्र रूप से, एनएसएस सात दिवसीय विशेष शिविर का पंचम दिवस एक अत्यंत सार्थक और ज्ञानवर्धक शिक्षण तथा सामाजिक अनुभव साबित हुआ। इस दिन की गतिविधियों ने प्रतिभागियों को सामाजिक जिम्मेदारी, रचनात्मकता और नेतृत्व कौशल के महत्व से परिचित कराया और स्थानीय समुदाय में सकारात्मक संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

