आगरा। बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन के पहले दिन जिले के पांच प्रमुख केंद्रों में केवल 2000 उत्तरपुस्तिकाएं ही जांची जा सकीं। कई केंद्रों पर पूरे परीक्षक अनुपस्थित रहे और उत्तरपुस्तिकाएं देर शाम तक केंद्रों में ही रही। इस दौरान कई केंद्रों में निगरानी को तैनात किए गए स्टेटिक मजिस्ट्रेट

संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश अग्रवाल ने निरीक्षण के क्रम में सबसे पहले शाहगंज स्थित राजकीय इंटर कॉलेज मूल्यांकन केंद्र का दौरा किया। उन्होंने स्ट्रांग रूम का जायजा लिया और वहां अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। इसके बाद वे एमडी जैन इंटर कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने डिप्टी कंट्रोलर से मूल्यांकन प्रक्रिया की स्थिति जानी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधीनस्थों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और सभी केंद्रों को आदेशित किया कि बृहस्पतिवार से प्रत्येक परीक्षक अनिवार्य रूप से मूल्यांकन केंद्र पर पहुंचकर कार्य प्रारंभ करें। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बताया कि पूरे मंडल में कुल 47,000 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जा चुका है।

पहले दिन प्रत्येक केंद्र पर उपस्थित परीक्षकों की संख्या काफी कम रही। राजकीय इंटर कॉलेज में 769 परीक्षकों में से केवल 187 उपस्थित हुए, जिन्होंने 91 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया। नेशनल मॉडल स्कूल में 570 परीक्षकों में से 189 परीक्षक आए और इस दौरान केवल 8 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो सका। आरबीएस इंटर कॉलेज में 761 परीक्षकों में से 219 उपस्थित रहे और उन्होंने पहले दिन 910 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया। एमडी जैन इंटर कॉलेज में कुल 799 परीक्षकों में से केवल 63 उपस्थित हुए। 1332 कॉपियां जांची जा सकीं।

डॉ. अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि अनुपस्थित परीक्षकों, उप प्रधान परीक्षकों और अंकेक्षकों की सूची तलब की गई है और जिनके खिलाफ बोर्ड नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। केंद्रों पर बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही पर्यवेक्षकों और स्टेटिक मजिस्ट्रेट को हर हाल में कार्यभार ग्रहण करने और मूल्यांकन प्रक्रिया की गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की यह पहल मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से की गई है, ताकि सभी छात्रों की उत्तरपुस्तिकाओं का उचित और निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित हो सके।

