आगरा/लखनऊ : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जन भवन, लखनऊ में आयोजित समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की कुलपति आशु रानी भी उपस्थित रहीं। विश्वविद्यालय की ओर से नामित दो महिला उद्यमियों को राज्यपाल द्वारा प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कुलपति आशु रानी द्वारा नामित राजेश कुमारी (आगरा) को धूपबत्ती निर्माण के माध्यम से लगभग 5 लाख रुपये की लागत से स्वरोजगार स्थापित करने के लिए तथा हेमलता (आगरा) को लगभग 1 लाख रुपये की लागत से बिहारी पोशाक निर्माण के उद्यम के लिए सम्मानित किया गया। दोनों महिला उद्यमियों ने अपने नवाचार और परिश्रम से आत्मनिर्भरता का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
कार्यक्रम में पुलिस, सेना, प्रशासन, शिक्षा, ग्राम प्रधान, कृषि उत्पादन संगठनों, राजकीय बाल संरक्षण गृह, समाज सेवा तथा विभिन्न उद्यमों से जुड़ी लगभग 200 महिलाओं ने भाग लिया। इन सभी महिलाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए नवाचार और कार्यों के अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत व्यवसाय शुरू करने वाली महिलाओं ने भी अपने प्रेरणादायक अनुभव प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया तथा जीवन में सकारात्मक सोच रखने का संदेश दिया।
राज्यपाल ने महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष बल देते हुए सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी वैक्सीन के महत्व पर प्रकाश डाला और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने वाराणसी, मिर्जापुर और सोनभद्र की ग्रीन आर्मी की महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि ये महिलाएं पुराने कपड़ों को एकत्र कर उन्हें नया रूप देकर वस्त्र और चप्पल तैयार करती हैं। उनके द्वारा बनाई गई चप्पल प्रधानमंत्री को भी भेंट की जा चुकी है।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए जनपद स्तर पर वर्कशेड उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही कृषि उत्पादन संगठनों से जुड़ी महिलाओं को स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, प्रशिक्षण और प्रदर्शनी आयोजित करने तथा कृषि विश्वविद्यालयों से जुड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने मिलेट्स यानी मोटे अनाज को बढ़ावा देने की भी बात कही।
कार्यक्रम के दौरान महिला उद्यमियों के कार्यों पर आधारित एक वीडियो फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसमें सोलर पैनल, सोया पनीर निर्माण, जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट और जलकुंभी से टोकरी निर्माण जैसे नवाचारों को दिखाया गया। राजकीय बाल संरक्षण गृह की बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत सामूहिक नृत्य ने कार्यक्रम को आकर्षक बना दिया।
इस अवसर पर आयोजित चित्र प्रदर्शनी का भी राज्यपाल ने अवलोकन किया। कार्यक्रम में जन भवन के चिकित्साधिकारी नरेंद्र देव की पुत्री तनुश्री सिंह को एमबीबीएस इंटर्नशिप के दौरान 9 गोल्ड मेडल प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में कुलपति आशु रानी ने राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन महिलाओं के सशक्तिकरण और नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय महिलाओं के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय से रत्ना पांडे सहित उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों की नौ महिला कुलपति, विभिन्न क्षेत्रों से आई लगभग 200 महिलाएं, जन भवन की महिला अधिकारी और कर्मचारी तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
