ग्रामीण महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर सशक्त बनाना
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 पर महिला जागरूकता कार्यक्रम
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की महिला प्रकोष्ठ की पहल
आगरा: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की महिला प्रकोष्ठ ने खासपुर गांव में ग्रामीण महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और उनके सशक्तिकरण के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें महिला छात्राओं, स्वास्थ्य टीम और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर की सक्रिय भागीदारी रही।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की महिला प्रकोष्ठ ने ग्रामीण महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और उनके सशक्तिकरण के उद्देश्य से खासपुर गांव, दयालबाग में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी के निर्देशन में महिला प्रकोष्ठ की संयोजक प्रो. अर्चना सिंह और सह-संयोजक डॉ. नीलम यादव के संरक्षण में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का सफल आयोजन डॉ. नेहा सक्सेना और डॉ. अनुपमा गुप्ता ने किया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय महिला प्रकोष्ठ और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) आगरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। महिला प्रकोष्ठ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 से 11 मार्च तक महिलाओं के लिए जागरूकता, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। खासपुर गांव में आयोजित यह कार्यक्रम इस श्रृंखला की पहली गतिविधि थी।

कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को महिला ई-हाट योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसर प्राप्त होते हैं।

गृह विज्ञान संस्थान की छात्राओं भावना, रेनू, शिवाक्षी, प्रेरणा और इच्छा ने पोस्टर प्रदर्शनी और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को योजनाओं के प्रति जागरूक किया।
इस अवसर पर सीएमओ आगरा डॉ. अरुण श्रीवास्तव, डॉ. पीयूष जैन (डीईओ, नोडल एनसीडी) और डॉ. एस.एम. प्रजापति (डिप्टी सीएमओ) उपस्थित रहे। स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को निःशुल्क दवाइयां वितरित की और आयुष्मान कार्ड से संबंधित जानकारी भी दी। मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर कुमारी पूर्णिमा ने महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच के महत्व पर मार्गदर्शन दिया।
ग्रामीण महिलाओं और बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम सफल रहा। उन्होंने योजनाओं के लाभ और आवेदन प्रक्रिया के संबंध में प्रश्न पूछकर जानकारी प्राप्त की। आयोजकों ने सभी अतिथियों, स्वास्थ्य टीम, काउंसलर और छात्राओं का आभार व्यक्त किया।
महिला केवल परिवार की आधारशिला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति की शक्ति भी है। शिक्षित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर महिलाओं के माध्यम से ही समाज में वास्तविक विकास और समानता स्थापित हो सकती है। इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय महिला प्रकोष्ठ निरंतर महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहा है।

