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Agra agriculture news: फसल अवशेष जलाने पर सख्ती : 2500 से 15 हजार तक जुर्माना, होगी एफआईआर, खेत में जलते अवशेष पर अब नहीं मिलेगी छूट

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आगरा। फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। धान कटाई के बाद खेतों में पराली या अवशेष जलाते पाए जाने वाले किसानों और कम्बाइन संचालकों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उप कृषि निदेशक मुकेश कुमार ने जिले के सभी किसान भाइयों मालिकों को आगाह किया है कि शासन के निर्देशानुसार कम्बाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर एसएमएस (Super Straw Management System) का प्रयोग करना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि जब तक कम्बाइन में सुपर एसएमएस उपकरण नहीं लग जाता, तब तक किसान फसल अवशेष प्रबंधन के अन्य कृषि यंत्र जैसे स्ट्रारीपर, स्ट्रारेक व बेलर, मल्चर, पैडी स्ट्रा चॉपर, श्रबमास्टर, रोटरी स्लेशर या रिवर्सिबल एम.बी. प्लाऊ का प्रयोग अवश्य करें। बिना इन यंत्रों के फसल कटाई करते हुए पकड़े जाने पर कम्बाइन मशीन जब्त की जाएगी।

खेत की उर्वरा शक्ति और पर्यावरण दोनों पर असर

उप कृषि निदेशक ने बताया कि फसल अवशेष जलाने से न केवल खेत की उर्वरा शक्ति घटती है बल्कि मित्र कीट भी नष्ट हो जाते हैं, जिससे कृषि उपज में भारी हानि होती है। इसके साथ ही वातावरण में प्रदूषण फैलता है, जो मानव और पशुओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।उन्होंने कहा कि किसान भाइयों को चाहिए कि वे फसल अवशेष को जलाने की बजाय खेत में ही मिला दें या उसे खाद के रूप में उपयोग करें। इससे मिट्टी का स्वास्थ्य सुधरेगा और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।

जुर्माना और कानूनी कार्रवाई तय

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन ग्रामों में फसल अवशेष जलाने की घटनाएं होंगी, वहां के संबंधित किसान के साथ ग्राम प्रधान, लेखपाल और पंचायत स्तर के अन्य कर्मचारी भी जिम्मेदार माने जाएंगे।सैटेलाइट से निगरानी की जा रही है, और घटना की सूचना सीधे विभाग को प्राप्त हो जाती है। एनजीटी के निर्देशानुसार दंड राशि इस प्रकार निर्धारित की गई है। इसके साथ ही सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाएगी।

  • 2 एकड़ से कम क्षेत्र: ₹2,500
  • 2 से 5 एकड़ क्षेत्र: ₹5,000
  • 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र: ₹15,000

किसानों से अपील

उप कृषि निदेशक ने किसानों से अपील की है कि वे पराली या फसल अवशेष न जलाएं और मृदा की उर्वरा शक्ति को बनाए रखें। उन्होंने कहा कि सरकार फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सब्सिडी पर आधुनिक यंत्र उपलब्ध करा रही है, जिनका उपयोग कर किसान अपने खेत को समृद्ध बना सकते हैं।

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