आगरा। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी), आगरा के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्राचार्य प्रो. (डॉ.) प्रशांत गुप्ता के कुशल नेतृत्व में विभागीय चिकित्सकों की टीम ने 36 वर्षीय महिला रोगी में गर्भाशय को सुरक्षित रखते हुए जटिल मायोमेक्टॉमी सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
महिला रोगी प्राथमिक बांझपन (प्राइमरी इन्फर्टिलिटी) और लंबे समय से पेट दर्द की समस्या से पीड़ित थी। जांच के दौरान गर्भाशय में कई यूटेराइन फाइब्रॉइड (मायोमा) पाए गए। सर्जरी के दौरान कुल 16 फाइब्रॉइड निकाले गए, जिनमें एक बड़ा 8×8 सेंटीमीटर का फाइब्रॉइड भी शामिल था। अत्यंत जटिल ऑपरेशन होने के बावजूद चिकित्सकों ने गर्भाशय को पूरी तरह सुरक्षित रखा, जिससे रोगी की भविष्य में मातृत्व की संभावना बनी रहे।
यह जटिल सर्जरी प्रो. (डॉ.) अनु पाठक के निर्देशन में की गई। स्त्री रोग विभाग की टीम में डॉ. दिव्या यादव, डॉ. नीलांशा, डॉ. श्वेता, डॉ. अंशु, डॉ. ज्योत्सना, डॉ. गरिमा, डॉ. दीक्षा एवं डॉ. रुपल शामिल रहीं। वहीं एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. मिहिर गुप्ता, डॉ. अनुभव, डॉ. अभिषेक एवं डॉ. कृति ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) शिखा सिंह ने इस सफलता पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सर्जरी विभाग की उन्नत, सुरक्षित एवं प्रजनन क्षमता को संरक्षित रखने वाली चिकित्सा सेवाओं का उत्कृष्ट उदाहरण है।
इस अवसर पर एसएनएमसी आगरा के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) प्रशांत गुप्ता ने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान के चिकित्सकों की उच्च स्तरीय विशेषज्ञता, बेहतरीन टीमवर्क और रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। एसएनएमसी आगरा निरंतर अत्याधुनिक एवं सुरक्षित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि रोगियों को सर्वोत्तम उपचार मिल सके।


