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Latest Delhi News:जीएसटी दरों में कटौती से कृषि यंत्रों की कीमतों में कमी, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में कृषि मशीनरी पर जीएसटी सुधारों की अहम बैठक

मीटिंग करते  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आज कृषि यंत्रीकरण और ट्रैक्टर व मशीनरी पर जीएसटी सुधारों को लेकर अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्रीकरण संघ (टीएमए), कृषि मशीनरी निर्माता संघ (एएमएमए), अखिल भारतीय कम्बाइन हार्वेस्टर निर्माता संघ (एआईसीएमए), पावर टिलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (पीटीएआई) और अन्य संबंधित संगठनों के प्रतिनिधि व्यक्तिगत और वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में कृषि यंत्रों और ट्रैक्टर पर जीएसटी दरों में बड़े सुधार किए गए हैं। पहले 18 प्रतिशत और 12 प्रतिशत जीएसटी दर अब घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। यह बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू होगा और इसका लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने और उत्पादन लागत कम करने के लिए कृषि यंत्रीकरण बेहद आवश्यक है। चाहे ट्रैक्टर हो, हार्वेस्टर, थ्रेसर, पावर टिलर या छोटी मशीनें ये सभी उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने में मददगार हैं।उन्होंने बैठक में सभी मशीन निर्माता संघों से आग्रह किया कि नई घटित जीएसटी दरों का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ किसानों तक पहुंचे। बैठक का उद्देश्य यही था कि बिचौलियों की भूमिका को निष्क्रिय कर किसानों को सीधे लाभ मिल सके।

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि जीएसटी दरों में कमी का सीधा असर मशीनों की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। ट्रैक्टर 35 एचपी अब 41,000 रुपये सस्ता हो गया है, 45 एसपी पर 45,000 रुपये, 50 एचपी पर 53,000 रुपये और 75 एचपी पर 63,000 रुपये की बचत होगी। छोटे ट्रैक्टर और बागवानी मशीनों पर भी कीमत कम हुई है।धान रोपण यंत्र (4 पंक्ति – वॉक बिहाइंड) पर 15,400 रुपये की बचत होगी। 4 टन प्रति घंटे क्षमता वाले बहुफसली थ्रेसर 14,000 रुपये सस्ते होंगे। पावर वीडर 7.5 एचपी की कीमत 5,495 रुपये कम होगी। सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल 11 टाइन अब 10,500 रुपये और 13 टाइन 3,220 रुपये सस्ती मिलेगी।


कंबाइन हार्वेस्टर पर 4,375 रुपये की बचत होगी। 14 फीट कटर बार 1,87,500 रुपये सस्ता होगा। स्ट्रॉ रीपर 5 फीट 21,875 रुपये कम मिलेगा। सुपर सीडर 8 फीट 16,875 रुपये सस्ता होगा, हैप्पी सीडर 10 टाइन 10,625 रुपये कम, रोटावेटर 6 फीट 7,812 रुपये कम, स्क्वायर बेलर 6 फीट 93,750 रुपये कम और मल्चर 8 फीट 11,562 रुपये सस्ता मिलेगा। न्यूमैटिक प्लांटर 4 पंक्ति 32,812 रुपये कम कीमत में उपलब्ध होगा। ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर 400 लीटर क्षमता भी 9,375 रुपये सस्ता मिलेगा।


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जीएसटी दरों में सुधार के बारे में किसानों को जागरूक करने के लिए विभिन्न संचार माध्यमों से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके अलावा कस्टम हायरिंग सेंटर को भी मशीनें सस्ती मिलेंगी ताकि किराए की दरें भी कम हों।

3 अक्टूबर से शुरू होने वाले ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के दूसरे चरण में भी किसानों तक जीएसटी सुधारों के लाभ की जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे समय पर सही लाभ प्राप्त कर सकें और उन्नत खेती की ओर अग्रसर हो सकें।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भविष्य में कृषि यंत्रीकरण को और मजबूत बनाने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे। मशीन निर्माता संघों के साथ व्यापक विचार-विमर्श कर कारगर सुझावों को लागू किया जाएगा। सभी प्रतिनिधियों से अनुरोध किया गया कि बिचौलियों की भूमिका को कम से कम करते हुए लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे।

बैठक में कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में उपस्थित सभी कृषि यंत्र निर्माता संगठनों के प्रतिनिधियों ने सरकार के निर्णय का स्वागत किया और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की।ंबैठक के अंत में केंद्रीय कृषि मंत्री और प्रतिनिधियों ने मिलकर पौधारोपण किया और किसानों की आय बढ़ाने व कल्याण की दिशा में संकल्प लिया।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि इस जीएसटी सुधार का व्यापक प्रभाव होगा। इससे किसान भाइयों-बहनों को नई मशीनें सस्ती मिलेंगी, उत्पादन बढ़ेगा और लागत घटेगी। यह पहल कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और किसानों की आय सुधारने में मील का पत्थर साबित होगी।

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