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University News:ललित कला यात्रा ने जगाई संगीत साधना की चेतना, विद्यार्थियों में संगीत साधना के प्रति बढ़ाई जागरूकता

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आगरा। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के ललित कला संस्थान एवं देश की प्रतिष्ठित संगीत संस्था प्राचीन कला केंद्र, चंडीगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय परिसर स्थित ललित कला संस्थान में ललित कला यात्रा शीर्षक से एक विशिष्ट सांगीतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शास्त्रीय संगीत की परंपरा, उसके संरक्षण-संवर्धन तथा विद्यार्थियों में संगीत साधना के प्रति जागरूकता और प्रेरणा का संचार करना रहा।

डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के ललित कला संस्थान एवं प्राचीन कला केंद्र, चंडीगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ललित कला यात्रा कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुलपति प्रोफेसर आशु रानी, कार्यक्रम अध्यक्ष प्रोफेसर संजय चौधरी, निदेशक ललित कला संस्थान, संयोजक डॉ. देवेंद्र कुमार वर्मा बजरंग, सह-संयोजक डॉ. देवाशीष गांगुली एवं प्राचीन कला केंद्र के सचिव सजल कौसर द्वारा दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती वंदना के साथ किया गया।

कार्यक्रम में ललित कला संस्थान के संगीत विद्यार्थियों ने नाद ब्रह्म की अनुपम प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। दिल्ली से पधारे प्रसिद्ध गायक राजेश सिंह नेगी ने अपने सुमधुर शास्त्रीय गायन से समूचे सभागार को संगीत की रसधारा से सराबोर कर दिया।

इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर आशु रानी ने कहा कि संगीत ईश्वर प्राप्ति का एक सशक्त माध्यम है। यह केवल डिग्री से प्राप्त नहीं होता, बल्कि इसके लिए गंभीर साधना आवश्यक है, जो गुरु परंपरा के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि ललित कला संस्थान एवं प्राचीन कला केंद्र जैसी संस्थाएं संगीत के संरक्षण और संवर्धन में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

कार्यक्रम के अंतर्गत बृज प्रांत के विभिन्न शहरों से आए प्रमुख संगीतज्ञों के साथ एक विशेष परिचर्चा भी आयोजित की गई। इसमें प्राचीन कला केंद्र, चंडीगढ़ के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. देवेंद्र कुमार वर्मा बजरंग एवं सचिव समीर कौसर ने संगीत के संरक्षण-संवर्धन के लिए आपसी सहयोग की आवश्यकता और उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रश्नोत्तर सत्र में उन्होंने बताया कि आज संगीत समाज की एक आवश्यक विद्या बन चुका है और इस क्षेत्र में भविष्य में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

कार्यक्रम के समापन पर उप निदेशक ललित कला संस्थान डॉ. मनोज कुमार ने सभी अतिथियों, कलाकारों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

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