आगरा। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में समाजवादी पार्टी द्वारा गुरुवार को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास को हिरासत में ले लिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में नाराजगी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग छत्ता थाने पहुंच गए। बाद में जिला अध्यक्ष उदय सिंह कुशवाहा को भी हिरासत में लिए जाने की सूचना सामने आई, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया। पुलिस ने इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम बताया, जबकि सपा नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने की कार्रवाई करार दिया।
गुरुवार को महंगाई के मुद्दे पर शहर में राजनीतिक गतिविधियां सुबह से ही तेज दिखाई दीं। समाजवादी पार्टी ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और मार्च का कार्यक्रम तय किया था। पार्टी की योजना के अनुसार कार्यकर्ताओं को एकत्र कर सुभाष पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला जाना था। इस कार्यक्रम को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच पहले से तैयारियां चल रही थीं और सुबह होते ही अलग-अलग स्थानों पर हलचल बढ़ने लगी थी।
जानकारी के अनुसार पार्टी के महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं को जीवनी मंडी स्थित पेट्रोल पंप पर जुटना था। सुबह निर्धारित समय से पहले ही समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का वहां पहुंचना शुरू हो गया। कार्यकर्ता अपने हाथों में बैनर और तख्तियां लिए हुए थे तथा महंगाई के खिलाफ आवाज उठाने की तैयारी कर रहे थे।
दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन भी पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए था। प्रदर्शन के कार्यक्रम को देखते हुए विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारियों को आशंका थी कि बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और कानून व्यवस्था की स्थिति पर असर पड़ सकता है। इसी के चलते पुलिस ने पहले से एहतियाती रणनीति तैयार की थी।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शब्बीर अब्बास को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया और माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने उन्हें अपने साथ लेकर छत्ता थाने पहुंचा दिया। महानगर अध्यक्ष को हिरासत में लेने की खबर जैसे ही पार्टी कार्यकर्ताओं तक पहुंची, वैसे ही विभिन्न क्षेत्रों से लोग थाने की ओर पहुंचने लगे।
कुछ ही समय में छत्ता थाने के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी एकत्र हो गए। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। पार्टी नेताओं ने कहा कि महंगाई जैसे जनहित से जुड़े मुद्दे पर शांतिपूर्ण विरोध करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है और इस प्रकार की कार्रवाई उचित नहीं कही जा सकती।
उधर सुभाष पार्क क्षेत्र में भी कार्यकर्ताओं का जुटना जारी रहा। कई लोग जिला अध्यक्ष उदय सिंह कुशवाहा के पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। प्रदर्शन में पेट्रोल और डीजल की कीमतों के साथ-साथ रसोई गैस, परिवहन खर्च और दैनिक जरूरत के सामानों की बढ़ती कीमतों को भी प्रमुख मुद्दा बनाया गया था।
इसी दौरान जिला अध्यक्ष उदय सिंह कुशवाहा को भी हिरासत में लिए जाने की सूचना सामने आई। इसके बाद कार्यकर्ताओं में नाराजगी और बढ़ गई। कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी भी की, हालांकि मौके पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद होने के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।
सपा नेताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई का असर आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि जनता की परेशानियों से जुड़े मुद्दों को उठाने की कोशिशों को रोका जा रहा है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसी उद्देश्य से आवश्यक कदम उठाए गए। दिनभर इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी रहा, जबकि सपा नेताओं ने आगे भी आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं।
