
आगरा। नवीन सर्किट हाउस सभागार में आयोजित पशुपालन विभाग और निराश्रित गौवंश संरक्षण की समीक्षा बैठक में पशुधन एवं दुग्ध विकास तथा राजनैतिक पेंशन विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह ने गौ संरक्षण को लेकर बड़े फैसलों की घोषणा की। बैठक में बृहद गौ संरक्षण केंद्रों पर गोबर गैस संयंत्र और कम्युनिटी किचेन स्थापित करने, भूसा-दान महा अभियान चलाने, 4 गौवंश पालने पर 6 हजार रुपये प्रतिमाह देने और सभी ब्लॉकों में मौसम विज्ञान केंद्र खोलने जैसे अहम निर्णय लिए गए।

गुरुवार को नवीन सर्किट हाउस सभागार में पशुपालन विभाग तथा निराश्रित गौवंश संरक्षण को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पशुधन एवं दुग्ध विकास तथा राजनैतिक पेंशन विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह ने की। बैठक में राज्यसभा सदस्य नवीन जैन, विधायक डॉ. जीएस धर्मेश, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, छोटे लाल वर्मा, विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, बीजेपी महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता और सभी ब्लॉक प्रमुख मौजूद रहे।

बैठक के दौरान मंत्री धर्मपाल सिंह और अन्य जनप्रतिनिधियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। बैठक में गौ संरक्षण केंद्रों की स्थिति, निराश्रित गौवंश के रखरखाव, भूसा व्यवस्था, हरे चारे, गोबर गैस संयंत्र और पशुपालकों को प्रोत्साहन जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

गौ संरक्षण केंद्रों पर लगेंगे गोबर गैस संयंत्र
बैठक में अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने निर्देश दिए कि 100 से कम गौवंश वाले छोटे संरक्षण केंद्रों से पशुओं को स्थानांतरित कर बड़े गौ संरक्षण केंद्रों में रखा जाए ताकि प्रत्येक बृहद केंद्र में न्यूनतम 400 गौवंश संरक्षित किए जा सकें और केंद्रों की क्षमता का पूरा उपयोग हो।

उन्होंने कहा कि ऐसे सभी बड़े गौ संरक्षण केंद्रों पर गोबर गैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इन संयंत्रों के साथ कम्युनिटी किचेन भी बनाई जाएंगी, जिनका संचालन बायोगैस से होगा। इन कम्युनिटी किचेन के माध्यम से आमजन को भंडारे, शादी-विवाह और अन्य आयोजनों के लिए पकी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इससे गौ संरक्षण केंद्रों की आय बढ़ेगी और एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता भी कम होगी।

मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि व्यक्तिगत गोबर गैस प्लांट लगाने वालों को सरकार कुल लागत का 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का प्रस्ताव तैयार कर रही है। राज्य सरकार व्यक्तिगत गोबर गैस प्लांट लगाने वाले लोगों को प्रोत्साहित करेगी।
किसानों से अनुबंध कर होगी हरे चारे की व्यवस्था
बैठक में निर्देश दिए गए कि स्थानीय किसानों से अनुबंध कर निराश्रित गौवंश केंद्रों के लिए पूरे वर्ष हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इससे गौवंश को नियमित रूप से हरा चारा मिल सकेगा और किसानों को भी आय का स्थायी स्रोत मिलेगा।

गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित पशुओं के भरण-पोषण, प्रबंधन, साफ-सफाई, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गौशालाओं में हर स्तर पर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
भूसा-दान महा अभियान को मिलेगा जनसहयोग
बैठक में भूसा-दान महा अभियान की समीक्षा भी की गई। बताया गया कि इस अभियान का उद्देश्य गौशालाओं में रहने वाले बेसहारा और निराश्रित गौवंश के लिए समाज के सहयोग से भूसे की व्यवस्था करना है।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने जनप्रतिनिधियों से भूसा दान करने की अपील की। उनकी अपील पर जिले के सभी जनप्रतिनिधियों ने 100-100 क्विंटल भूसा दान करने की घोषणा की।
विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे ने विशेष पहल करते हुए 200 क्विंटल भूसा दान करने की घोषणा की। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूसा दान को लेकर व्यापक अभियान चलाया जाए ताकि गौशालाओं में चारे की कमी न रहे।
4 गौवंश पालने पर मिलेंगे 6 हजार रुपये प्रतिमाह
बैठक में मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि स्थानीय गो आश्रय स्थलों से अधिकतम 4 स्वदेशी नस्ल के गौवंश लोगों को सुपुर्द किए जाएंगे। इन गौवंशों को पालने वाले लोगों को सरकार की ओर से 6 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि पशुपालकों के लिए पशु शेड की भी व्यवस्था कराई जाएगी ताकि ग्रामीण स्तर पर गौ संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।
गोबर से बनेगी लकड़ी, बढ़ेगा आर्थिक स्वावलंबन
बैठक में सीडीओ प्रतिभा सिंह को निर्देश दिए गए कि गो आश्रय स्थलों पर जीवामृत, धनबीजामृत, वर्मीकम्पोस्ट और गोबर से लकड़ी बनाने वाली मशीनों की व्यवस्था कराई जाए।

गोबर से तैयार गो-काष्ठ या लकड़ी को पारंपरिक उपलों का आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प बताया गया। इसका उपयोग शवदाह, हवन, पूजा-पाठ और चूल्हों में ईंधन के रूप में किया जा सकेगा।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि एनजीओ के माध्यम से गोबर और गोमूत्र से तैयार उत्पादों की बिक्री कर आर्थिक स्वावलंबन सुनिश्चित किया जाए।
गोचर भूमि से हटेंगे कब्जे, होगी नेपियर घास की रोपाई
बैठक में लिंक गोचर भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही अधिक से अधिक मोरिंगा और नेपियर घास की रोपाई कराने पर जोर दिया गया ताकि गौवंश के लिए पर्याप्त हरा चारा उपलब्ध हो सके।
सभी ब्लॉकों में खुलेंगे मौसम विज्ञान केंद्र
बैठक में सभी बीडीओ को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक ब्लॉक में मौसम विज्ञान केंद्र स्थापित किए जाएं। इन केंद्रों के माध्यम से पशुपालकों, किसानों और आमजन को सटीक मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके अलावा निराश्रित गौवंश को गौ संरक्षण केंद्रों तक पहुंचाने, बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों के बच्चों को गौशाला भ्रमण कराने और मृत गौवंश का गरिमापूर्ण शवाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे, रिकॉर्ड व्यवस्था, साफ-सफाई, भूसा संग्रह, साइलेज, पेयजल और गर्मी से बचाव की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल, सीडीओ प्रतिभा सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला, एडीएम प्रशासन आजाद भगत सिंह, नगरायुक्त संतोष कुमार वैश्य, सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव, अपर निदेशक पशुपालन डॉ. देवेंद्र पाल, सीवीओ डॉ. डीके पांडे समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

