— मिशन शक्ति (फेज-5) के तहत आत्मरक्षा कौशल पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
— विशेषज्ञों ने छात्राओं को आत्मरक्षा और आत्मनिर्भरता के व्यावहारिक उपाय बताए
— कुलपति प्रो. आशु रानी के निर्देशन में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न
आगरा। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में मिशन शक्ति (फेज-5, द्वितीय चरण) के अंतर्गत “आधुनिक समाज में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा कौशल की अनिवार्यता” विषय पर एक विशेष जागरूकता एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करना, उन्हें व्यवहारिक प्रशिक्षण की दिशा में प्रेरित करना तथा उनके आत्मविश्वास को मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा छात्राओं को विभिन्न परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी गई। उन्हें यह बताया गया कि आज के समय में आत्मरक्षा कौशल केवल एक अतिरिक्त योग्यता नहीं, बल्कि जीवन की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन चुका है। आत्मरक्षा के माध्यम से छात्राएं न केवल स्वयं को सुरक्षित रख सकती हैं, बल्कि समाज में आत्मनिर्भरता और साहस का उदाहरण भी प्रस्तुत कर सकती हैं।

इस अवसर पर यह भी समझाया गया कि आत्मरक्षा का उद्देश्य केवल शारीरिक सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक रूप से मजबूत बनने की प्रक्रिया भी है। जब एक छात्रा आत्मविश्वास से भरपूर होती है, तो वह किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम होती है। कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण जीवन में अनुशासन, सजगता और आत्मनिर्भरता को बढ़ाता है।
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उनके निर्देशन में मिशन शक्ति कार्यक्रम को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि छात्राओं को सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया जा सके।
मिशन शक्ति विश्वविद्यालय कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रो. भूपेंद्र स्वरूप शर्मा तथा सह संयोजक प्रो. अर्चना सिंह के मार्गदर्शन में इस आयोजन को प्रभावी स्वरूप प्रदान किया गया। दोनों अधिकारियों ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आत्मरक्षा कौशल आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और हर छात्रा को इसे सीखना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन डिपार्टमेंट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स के निदेशक डॉ. अखिलेश चंद्र सक्सेना के नेतृत्व में किया गया। उनके निर्देशन में कार्यक्रम की सभी गतिविधियाँ व्यवस्थित रूप से संपन्न हुईं।
इस आयोजन में डॉ. प्रतिभा मिश्रा (फार्मेसी विभाग), डॉ. महेश फौजदार, डॉ. सिंधुजा चौहान, डॉ. शिवाली, डॉ. अंजली चौहान, डॉ. राशि कुलश्रेष्ठ एवं डॉ. स्वर्णिम जैन सहित अनेक शिक्षकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। शिक्षकों ने छात्राओं को आत्मरक्षा के महत्व को समझाते हुए उन्हें जागरूक और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में शारीरिक शिक्षा, फार्मेसी एवं कृषि विभाग के शिक्षकगण सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। छात्राओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और आत्मरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण बिंदुओं को ध्यानपूर्वक समझा।
विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से भी मजबूत बनाना आवश्यक है। आत्मरक्षा कौशल उन्हें समाज में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शक्ति देता है।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि जब महिलाएं आत्मनिर्भर और जागरूक बनती हैं, तभी समाज सुरक्षित और प्रगतिशील बनता है। मिशन शक्ति के तहत आयोजित यह कार्यक्रम नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम साबित हुआ, जो भविष्य में छात्राओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होगा।

