- सांई धाम कबीस के पास हुआ भीषण सड़क हादसा, मौके पर ही युवक की मौत।
- आक्रोशित ग्रामीणों ने कबीस चौराहे पर आधे घंटे से अधिक लगाया जाम।
- पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाया, शव पोस्टमार्टम को भेजा, मुकदमा दर्ज।
फतेहाबाद। फतेहाबाद डौकी थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में एक 20 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका फूफा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने चौराहे पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे आवागमन बाधित रहा।

फतेहाबाद जनपद के थाना डौकी क्षेत्र में मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें सौरभ पुत्र सुभाष चंद्र, निवासी झील जाटव की मौके पर ही मौत हो गई। वह अपने फूफा साहब सिंह, निवासी बरारा मलपुरा के साथ बाइक से बिल्हैनी की ओर से अपने गांव लौट रहा था।

जानकारी के अनुसार, जैसे ही दोनों साईं धाम कबीस के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे लोडर टेंपो से उनकी जोरदार आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि सौरभ की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके फूफा साहब सिंह सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे की सूचना मिलते ही मृतक के घर में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और कबीस चौराहे पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। जाम के कारण करीब आधे घंटे से अधिक समय तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
सूचना पर एसीपी फतेहाबाद अनिल कुमार, थानाध्यक्ष डौकी सुनीत शर्मा तथा बमरौली कटारा क्षेत्र से दीपक कुमार तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और किसी तरह जाम को समाप्त कराया। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और यातायात बहाल किया गया।
पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, मृतक के पिता सुभाष चंद्र की तहरीर पर लोडर टेंपो चालक हरेन्द्र सिंह, निवासी मेहरा नाहरगंज डौकी के खिलाफ थाना डौकी में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
परिजनों के अनुसार, मृतक सौरभ की शादी करीब एक माह पहले 10 मार्च को धनौली में हुई थी। वह पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था। उसके दो भाइयों की पहले ही शादी हो चुकी है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है क्योंकि सौरभ की मां का पिछले वर्ष बीमारी के कारण निधन हो चुका था और अब घर का सहारा भी चला गया। पिता सुभाष चंद्र किसान हैं और घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है।

