• नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में महापौर ने मीडिया से बातचीत के दौरान अभियान की रूपरेखा साझा की।
• 47 सेकेंड के वायरल वीडियो में आशा भोंसले को श्रद्धांजलि देते समय नाम उच्चारण में गलती सामने आई।
• सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
आगरा: आगरा में भाजपा के नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर चल रहे जागरूकता अभियान के दौरान एक बयान ने राजनीतिक और सोशल मीडिया दोनों स्तर पर चर्चा को जन्म दे दिया है। मामला ब्रज प्रांत कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम का है, जहां आगरा की महापौर हेमलता दिवाकर ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी, लेकिन इस दौरान उनसे नाम बोलने में गलती हो गई।

जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान जब मीडिया ने उनसे सवाल पूछा, तो महापौर ने पहले सामान्य बातचीत की और अभियान के तहत महिला सशक्तिकरण को लेकर चल रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ब्रज क्षेत्र के विभिन्न जिलों में रैलियां, सम्मेलन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि महिलाओं को उनके राजनीतिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके।
इसी दौरान अचानक एक मीडिया कर्मी द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी। लेकिन उन्होंने पहले साथी पदाधिकारियों से पूछा कि “आशा भोंसले सिंगर थीं न?” इस पर मौजूद लोगों ने हां में जवाब दिया। इसके बाद उन्होंने आगे कहा कि उन्हें नाम ठीक से याद नहीं था और इसी क्रम में उन्होंने आशा भोसले का नाम दो बार गलत तरीके से “आशा घोसले” कहा।
वीडियो में यह पूरा घटनाक्रम लगभग 47 सेकेंड का है, जिसमें महापौर हंसते हुए और सहज भाव में बात करती नजर आती हैं। लेकिन जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, यह तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। कई यूजर्स ने इस वीडियो को विभिन्न प्लेटफॉर्म पर साझा किया और अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे गंभीर चूक बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने व्यंग्यात्मक टिप्पणियां भी कीं। कुछ ने सवाल उठाया कि सार्वजनिक मंच पर जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति से इस तरह की गलती अपेक्षित नहीं है। वहीं, कुछ लोगों ने इसे मानवीय भूल बताते हुए कहा कि नाम भूल जाना एक सामान्य बात हो सकती है।
कार्यक्रम का आयोजन नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से किया गया था। इसमें भाजपा की कई महिला नेत्रियां और पदाधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम में महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों, सामाजिक भागीदारी और आगामी जागरूकता अभियानों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य को भी शामिल होना था, लेकिन वे किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सकीं। इसके बाद महापौर ने स्वयं मीडिया से बातचीत की और अभियान से जुड़ी जानकारी साझा की।
राजनीतिक रूप से देखें तो हेमलता दिवाकर का लंबा अनुभव रहा है। वह पहले विधायक रह चुकी हैं और वर्तमान में आगरा की महापौर हैं। उन्होंने 2017 से 2022 तक विधानसभा क्षेत्र में भी प्रतिनिधित्व किया है। बाद में उन्होंने नगर निगम चुनाव में भारी मतों से जीत दर्ज की थी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद एक ओर जहां सोशल मीडिया पर वीडियो चर्चा में है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक हलकों में इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक जागरूकता को बढ़ावा देना था, लेकिन यह घटना अब सोशल मीडिया ट्रेंड का हिस्सा बन गई है।
स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग इस वीडियो को लगातार शेयर कर रहे हैं। प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

