आगरा: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आगरा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा महिलाओं के लिए विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में महिलाओं को निशुल्क विधिक सहायता प्रदान की गई और केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं एवं उनके विधिक अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशानिर्देशों के अनुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा ने महिलाओं के लिए विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया। यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण, समानता और उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
शिविर का आयोजन विनीता सिंह-1, सचिव (पूर्णकालिक), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में पराविधिक स्वयंसेवक आकांक्षा त्रिपाठी और अन्य स्वयंसेवकों ने भाग लिया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को निशुल्क विधिक सहायता प्रदान की और केंद्र सरकार व उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही महिलाओं की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को उनके विधिक अधिकारों के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई और उन्हें बताया गया कि यह दिवस दुनिया भर में महिलाओं की उपलब्धियों, समानता, सशक्तिकरण और उनके संघर्ष व योगदान को सम्मान देने के लिए समर्पित है। शिविर में यह संदेश भी दिया गया कि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और समाज में सशक्त भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के दौरान विनीता सिंह-1, सचिव (पूर्णकालिक) ने प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से आग्रह किया कि 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत का प्रचार-प्रसार करने में सहयोग प्रदान करें, ताकि आम जनता को इसके लाभ मिल सकें।
इस शिविर ने महिलाओं को विधिक सहायता और योजनाओं के प्रति जागरूक करते हुए समाज में उनके सशक्तिकरण और समान अधिकारों के महत्व को उजागर किया। कार्यक्रम में महिलाओं की उत्साही भागीदारी देखी गई और यह साबित हुआ कि जागरूकता ही समाज में बदलाव लाने की पहली सीढ़ी है।

