नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे, बिहार में राजनीतिक हलचल तेज
सीएम नीतीश के इस्तीफे की संभावना, बेटे निशांत की राजनीति में एंट्री तय
JDU में बदलाव का दौर: नीतीश 10-14 मार्च के बीच दे सकते हैं इस्तीफा
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 से 14 मार्च के बीच मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों के अनुसार राज्यसभा में नामांकन के बाद भाजपा और JDU के बीच नए मुख्यमंत्री को लेकर बातचीत जारी है। इसी बीच CM हाउस में मुख्यमंत्री ने JDU के विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक की, जिसमें कई विधायक उनके राज्यसभा जाने के फैसले का विरोध करते हुए भावुक हो गए। बैठक में CM ने कहा कि विरोध मत कीजिए, मैं राज्यसभा जा रहा हूं और वहां से सब देखता रहूंगा।
बैठक में मौजूद विधायक विनय चौधरी ने बताया कि बैठक के दौरान नीतीश कुमार भावुक हो गए, और विधायक उन्हें देखकर रो पड़े। सभी एक स्वर में उनसे फैसला वापस लेने का आग्रह कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा, “अब छोड़ दीजिए। मुझे जाने दीजिए।” बैठक में यह भी तय हुआ कि उनके बेटे निशांत कुमार 8 मार्च को JDU में शामिल होंगे।
बैठक में मंत्री अशोक चौधरी, विजय चौधरी और संजय झा मौजूद रहे। जदयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि बिहार का मुख्यमंत्री कौन होगा, यह नीतीश कुमार ही तय करेंगे। उनके राज्यसभा जाने के बाद JDU कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है और पार्टी दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के पोस्टर पर कालिख पोती और विभिन्न जगहों पर पोस्टर लगाकर मुख्यमंत्री से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
इस दौरान जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने बताया कि पार्टी के कार्यकर्ताओं का उद्देश्य एक करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य पूरा करना है और मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाना है। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि अब युवा चेहरा निशांत कुमार ही जदयू का नेतृत्व संभालेंगे।
मुख्यमंत्री ने राज्यसभा के लिए नामांकन से पहले कहा था कि संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही उनकी इच्छा थी कि वे दोनों सदनों के साथ संसद के भी सदस्य बनें। इस क्रम में राज्यसभा का सदस्य बनने का निर्णय लिया गया। इसके बावजूद पार्टी में विरोध और प्रदर्शन जारी हैं। CM हाउस की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और केवल सरकारी वाहनों को प्रवेश दिया जा रहा है।
जदयू कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि बिहार को मुख्यमंत्री की आवश्यकता है और उन्होंने पोस्टरों और नारेबाजी के जरिए मुख्यमंत्री से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। डिप्टी CM सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा भी सीएम से मिलने CM हाउस पहुंचे और नई सरकार के गठन और रणनीति पर चर्चा की।
बिहार की राजनीतिक हलचल में अब नजरें इस बात पर टिक गई हैं कि मुख्यमंत्री पद के बाद नई JDU सरकार और निशांत कुमार की भूमिका कैसे तय होगी।
