-अमेरिका-पाकिस्तान-ईरान संघर्ष, वीजा अपॉइंटमेंट रद्द, ईरान में 742 मौतें
-स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद, मध्य पूर्व में तनाव, भारतीयों की सुरक्षा
-अमेरिकी चेतावनी, इजराइल-ईरान युद्ध, क्षेत्रीय और वैश्विक असर
कराची। इजराइल और अमेरिका तथा ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच, पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा कारणों से सभी वीजा अपॉइंटमेंट रद्द कर दिए हैं। इस फैसले का असर इस्लामाबाद, लाहौर और कराची के अमेरिकी दफ्तरों पर भी लागू होगा। अमेरिकी एंबेसी ने बताया कि यह आदेश 6 मार्च तक प्रभावी रहेगा।
रविवार को कराची में अमेरिकी कांसुलेट के बाहर प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों ने फायरिंग की, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। यह प्रदर्शन उस खबर के बाद हुआ, जिसमें कहा गया था कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई अमेरिका और इजराइल के हमलों में मारे गए हैं।
अमेरिकी चेतावनी और इजराइल-ईरान युद्ध की स्थिति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी नागरिकों से मिडिल ईस्ट से जल्द निकलने को कहा। ट्रम्प ने कहा कि ईरान पर अभी सबसे बड़ा हमला बाकी है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध 4-5 सप्ताह तक चल सकता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इससे अधिक समय तक अभियान जारी रहेगा।
अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजराइल ने अब तक ईरान के 1000 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है। शुरुआती 30 घंटे में 2000 से ज्यादा बम गिराए गए। इस हमले में अब तक 742 लोग मारे गए हैं, जिनमें 176 बच्चे शामिल हैं। घायल हुए लोगों की संख्या 750 से अधिक है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद, तेल की आपूर्ति पर असर
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। यह समुद्री मार्ग विश्व तेल व्यापार में अत्यंत महत्वपूर्ण है। IRGC के एक अधिकारी ने कहा कि कोई भी जहाज इस मार्ग से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसे रोका जाएगा। भारत का लगभग 50% तेल इसी रास्ते से आता है।
मिडिल ईस्ट में भारतीयों की स्थिति
2024 तक खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के छह देशों—सऊदी अरब, UAE, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन—में लगभग 90 लाख भारतीय रहते थे। इनमें सबसे ज्यादा भारतीय UAE और सऊदी अरब में हैं। UAE में लगभग 43 लाख भारतीय रहते हैं, जो कुल आबादी का लगभग 35% हैं। इनमें से लगभग 15% अबू धाबी में रहते हैं। अधिकांश भारतीय केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, बिहार और पंजाब से हैं।
अमेरिका-ईरान के समुद्री संघर्ष और सुरक्षा
अमेरिका ने घोषणा की कि अब गल्फ ऑफ ओमान में कोई भी ईरानी जहाज नहीं बचा है। अमेरिका का कहना है कि ईरान ने कई वर्षों से अंतरराष्ट्रीय जहाजों को निशाना बनाया, लेकिन अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
सऊदी अरब ने रियाद और अल-खारज की ओर आने वाले आठ ड्रोन मार गिराए। इसी दौरान अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन हमला हुआ, जिसमें हल्की आग लगी और नुकसान हुआ।
इजराइल और लेबनान की स्थिति
इजराइली सेना ने दक्षिणी बेरूत के अल-घुबेरी और हरेत हरेइक क्षेत्रों से लोगों को निकालना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटों में अमेरिकी-इजराइली हमलों में ईरान में कम से कम 85 नागरिक और 11 सैनिक मारे गए।
हिज़बुल्लाह ने इजराइल के हमलों का जवाब देने का अधिकार जताया। संगठन ने कहा कि राजनीतिक प्रयास विफल रहने पर मिसाइल हमले उठाया गया कदम हैं। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने घोषणा की कि हिज़बुल्लाह अब केवल राजनीति तक ही सीमित रहेगा।
इराक, कुवैत और अन्य क्षेत्रों में स्थिति
इराक के कुर्द क्षेत्र एरबिल में अमेरिकी सैनिकों पर ड्रोन हमला हुआ। कुवैत ने अब तक 178 मिसाइल और 384 ड्रोन को नाकाम किया है, जिसमें 27 सैनिक घायल हुए। इससे पहले अमेरिकी सैनिकों पर ईरानी हमले में 6 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।
ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने बताया कि UAE में तैनात सभी 100 से अधिक ऑस्ट्रेलियाई सैनिक सुरक्षित हैं। मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास के वीजा अपॉइंटमेंट रद्द होने, ईरान में बढ़ती मौतों, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने और लेबनान, इराक, कुवैत में सुरक्षा हालात के कारण क्षेत्रीय और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।
