आगरा(ब्यूरो)। 25 देशों के 28 अंतर्राष्ट्रीय रक्षा पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित भारतीय सेना की एक विशेष इकाई का दौरा किया, जो मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) अभियानों में विशेषज्ञ है। इस दौरे के दौरान पत्रकारों ने भारतीय सेना की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमताओं का प्रत्यक्ष अनुभव किया और उच्च स्तरीय परिचालन तत्परता, विशेष प्रशिक्षण, और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान तत्काल प्रतिक्रिया देने की प्रतिबद्धता को देखा। प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि भारतीय सेना न केवल युद्ध-तैयार बल के रूप में काम करती है, बल्कि आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता में भी एक विश्वसनीय साझेदार है।
दी गई विभिन्न पहलुओं पर जानकारी
प्रतिनिधिमंडल को एचएडीआर अभियानों की तैयारी और निष्पादन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें त्वरित तैनाती को सक्षम बनाने वाले योजना ढांचे, तैयारी प्रोटोकॉल, और संचालन तंत्र की व्याख्या शामिल थी। पत्रकारों को समझाया गया कि संकट के समय भारतीय सेना कैसे नागरिक प्रशासन और मेजबान सरकारों के साथ संरचित समन्वय स्थापित करती है और प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत चिकित्सा, रसद और बचाव सहायता प्रदान करती है। इस ब्रीफिंग में विशेष रूप से संकट के दौरान मानवीय पीड़ा को कम करने के लिए त्वरित, समन्वित और मानवीय प्रतिक्रिया उपायों पर जोर दिया गया।
विशेष उपकरण और तकनीकी क्षमता को सराहा
दौरे का एक प्रमुख आकर्षण भारतीय सेना के एचएडीआर उपकरणों का व्यापक प्रदर्शन था। पत्रकारों ने उन्नत बचाव उपकरण, जलयान, बाढ़ राहत उपकरण, पोर्टेबल पुल प्रणाली और विशेष चिकित्सा किट का अवलोकन किया। ये उपकरण कठिन परिस्थितियों में बड़े पैमाने पर हताहतों और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने देखा कि ये उपकरण सेना की तत्परता और आपदा प्रबंधन क्षमता को कैसे बढ़ाते हैं।
भारतीय सेना की वैश्विक भूमिका
इस संवाद ने भारतीय सेना की भूमिका को न केवल एक युद्ध-तैयार बल के रूप में, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता, मानवीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय सद्भावना में एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में उजागर किया। पत्रकारों ने भारतीय सेना की एचएडीआर टास्क फोर्स की तत्परता, त्वरित लामबंदी समय-सीमा, और प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत प्रदान करने की क्षमता की सराहना की।
इस दौरे ने अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों को भारतीय सेना की व्यापक क्षमताओं और मानवीय दृष्टिकोण से परिचित कराया। भारत की सेना ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्राकृतिक आपदा या संकट के दौरान वह न केवल नागरिक सुरक्षा और राहत के लिए तत्पर है, बल्कि वैश्विक मानवीय सहायता प्रयासों में भी सक्रिय योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रतिनिधिमंडल ने इस अनुभव को अत्यंत सूचनाप्रद और प्रेरणादायक बताया, जिससे भारतीय सेना की विश्वसनीयता और पेशेवर तत्परता और भी मजबूत हुई।

