तेल अवीव/तेहरान/ नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में हालात बेहद विस्फोटक हो चुके हैं। इजराइल की वायु सेना ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के साथ संयुक्त अभियान में पिछले 24 घंटे के भीतर ईरान पर 1200 से अधिक बम गिराए। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि ईरानी मीडिया ने की है। बताया जा रहा है कि तेहरान स्थित उनके ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर 30 मिसाइलें दागी गईं, जहां वे वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के साथ बैठक कर रहे थे। हमले में उनके परिवार के कई सदस्य और करीब 40 शीर्ष अधिकारी भी मारे गए।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने देर रात खामेनेई के मारे जाने का दावा किया, जिसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसकी पुष्टि की बात कही। रविवार सुबह ईरान की समाचार एजेंसियों ने आधिकारिक तौर पर उनके निधन की खबर प्रसारित की। इसके बाद ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिन की सार्वजनिक छुट्टी घोषित कर दी गई। तेहरान, मशहद, इस्फहान और कुम सहित कई शहरों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बयान जारी कर कहा कि देश ने एक महान नेता खो दिया है और इस हमले का “कठोर और ऐतिहासिक बदला” लिया जाएगा। ईरानी सेना ने अमेरिका और इजराइल के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई की घोषणा की है। दावा है कि इजराइल पर 400 से अधिक मिसाइलें दागी गईं, जबकि कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब और यूएई में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।
तेल अवीव, हाइफा और अशदोद में सायरन बजते रहे। तेल अवीव में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। एक अपार्टमेंट ब्लॉक में विस्फोट के बाद लोगों को मलबे से निकाला गया। इजराइली एंबुलेंस सेवा के अनुसार 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इजराइल ने आयरन डोम और डेविड स्लिंग एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए हैं, जिससे कई मिसाइलें हवा में ही नष्ट कर दी गईं।
उधर, ईरान में तेहरान सहित 10 बड़े शहरों पर हमलों में 200 से ज्यादा लोगों की मौत और 700 से अधिक घायल होने की खबर है। दक्षिणी प्रांत होर्मोजगान के मीनाब शहर में एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से बड़ी संख्या में छात्राओं की मौत की सूचना है। कई सैन्य ठिकानों, रडार स्टेशनों और परमाणु अनुसंधान केंद्रों को भी निशाना बनाए जाने की खबर है।
जंग का असर खाड़ी क्षेत्र में भी दिखा। यूएई ने बताया कि अबू धाबी एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत और कई लोग घायल हुए। दुबई के जेबेल अली पोर्ट और बुर्ज खलीफा के आसपास भी ड्रोन गतिविधि की खबरें सामने आईं। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को डायवर्ट किया गया है और खाड़ी क्षेत्र के हवाई क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है।
इस बीच ईरान ने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दी है। यह मार्ग दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति के लिए अहम है। यदि यह बंद होता है तो वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल संभव है। कच्चे तेल की कीमतों में शुरुआती कारोबार में तेज उछाल देखा गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं तेज हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने तत्काल युद्धविराम और संयम बरतने की अपील की है। चीन और रूस ने हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया, जबकि यूरोपीय संघ ने दोनों पक्षों से शांति वार्ता की अपील की है। अमेरिका ने अपने नागरिकों को खाड़ी देशों से सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो यह पूरे मिडिल ईस्ट को व्यापक युद्ध की आग में झोंक सकता है। फिलहाल हालात लगातार बदल रहे हैं और पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं।
अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में जंग तेज, ईरान का खतरनाक पलटवार
मिडिल ईस्ट में हालात गंभीर रूप से तनावपूर्ण हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। इजराइल की वायु सेना ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर 1200 से अधिक बम गिराए गए। तेहरान में खामेनेई के ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर 30 मिसाइलें दागी गईं, जहां वे वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के साथ बैठक कर रहे थे। इस हमले में उनके परिवार के कई सदस्य और लगभग 40 शीर्ष अधिकारी मारे गए।
ईरानी मीडिया ने रविवार सुबह खामेनेई के निधन की खबर आधिकारिक रूप से प्रकाशित की। इसके बाद ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिन की सार्वजनिक छुट्टी घोषित कर दी गई। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी खामेनेई की मौत की पुष्टि की।
ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले को “कठोर और ऐतिहासिक बदला” लेने का ऐलान किया। ईरान ने इजराइल पर लगभग 400 मिसाइलें दागीं और कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब तथा UAE में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। दुबई में पाम होटल एंड रिसोर्ट और बुर्ज खलीफा के पास ड्रोन हमले की भी सूचना है। तेहरान सहित ईरान के 10 बड़े शहरों में हमलों में 200 से अधिक लोग मारे गए और 700 से ज्यादा घायल हुए।
ईरान ने हिंद महासागर में ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ शुरू किया। IRGC ने बताया कि इस अभियान के तहत जेबेल अली में खड़े अमेरिकी जहाज पर चार ड्रोन से हमला किया गया, जिससे जहाज बेकार हो गया। कुवैत के अब्दुल्ला मुबारक इलाके में अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर मिसाइल और ड्रोन हमला भी किया गया।
अयातुल्ला अली खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल 1939 को ईरान के मशहद शहर में हुआ था। उन्होंने शाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए और इस्लामी शासन की वकालत की। 1979 में ईरान में इस्लामी क्रांति के बाद वे क्रांतिकारी परिषद में शामिल हुए और उप रक्षामंत्री बने। 1981 में राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने 1989 में खोमैनी के निधन के बाद देश का सर्वोच्च नेता यानी ‘रहबर’ बनने के लिए संविधान में बदलाव कराया।
ईरान और इजराइल के बीच विवाद के प्रमुख कारणों में न्यूक्लियर प्रोग्राम, बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम, क्षेत्रीय हस्तक्षेप और अमेरिका-इजराइल समर्थन शामिल हैं। ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है, जबकि अमेरिका और इजराइल उसे हथियार बनाने का प्रयास मानते हैं।
इस बीच, कश्मीर में हजारों शिया मुसलमानों ने खामेनेई की मौत के विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी लाल, काले और पीले झंडे लेकर इकट्ठा हुए और इजराइल और अमेरिका के खिलाफ नारे लगाए।
संपूर्ण क्षेत्र में तनाव बढ़ने के साथ वैश्विक तेल बाजार पर भी असर पड़ने की संभावना है, क्योंकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दी है। संयुक्त राष्ट्र, चीन और रूस ने अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए तनाव कम करने की अपील की है।

