आगरा। सेठ पदम चंद जैन प्रबंधन संस्थान में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह देशभक्ति, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विद्यार्थियों की प्रतिभा का संगम बन गया। विद्यार्थियों ने नृत्य, गायन, कविता, भाषण, अभिनय और वाद्य प्रस्तुति के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, देश के प्रति समर्पण, विभाजन की पीड़ा और आजाद भारत में युवाओं की जिम्मेदारियों को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा। विभिन्न प्रस्तुतियों के दौरान पूरा सभागार राष्ट्रप्रेम और उत्साह से गूंजता रहा। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक प्रो. बृजेश रावत सहित शिक्षकगण और विद्यार्थी मौजूद रहे।

सेठ पदम चंद जैन प्रबंधन संस्थान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत से ही वातावरण देशभक्ति की भावना से सराबोर रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और प्रतिभा के माध्यम से स्वतंत्रता के महत्व को अलग-अलग प्रस्तुतियों में पिरोया। मंच पर प्रस्तुत नृत्य, गीत, कविताओं और भाषणों में जहां देश के वीरों के बलिदान को याद किया गया, वहीं विद्यार्थियों ने यह संदेश भी दिया कि स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारियों को समझने और उनका निर्वहन करने का संकल्प भी है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति और सामूहिक सहभागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
कार्यक्रम का सांस्कृतिक क्रम साक्षी की प्रस्तुति से शुरू हुआ। उन्होंने ‘आरंभ है प्रचंड’ देशभक्ति गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को राष्ट्रप्रेम से भर दिया। इसके बाद विधुशी ने कविता के माध्यम से देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम की भावनाओं को शब्दों में अभिव्यक्त किया। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को स्वतंत्रता के महत्व और मातृभूमि के प्रति अपने दायित्वों से जोड़ने का प्रयास किया।
इसके बाद भूमि, आशु, कंचन, यशवी, प्रिया एवं दीपिका ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों की इस प्रस्तुति में देशभक्ति और सांस्कृतिक रंगों का सुंदर समन्वय देखने को मिला। सामूहिक प्रस्तुति के दौरान विद्यार्थियों की एकजुटता और तालमेल ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। इसके पश्चात पायल एवं याशिका ने ‘ऐ वतन, मेरे आजाद रहे तू’ देशभक्ति गीत पर भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुति दी। दोनों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से देश के प्रति प्रेम और मातृभूमि के लिए समर्पण की भावना को मंच पर जीवंत किया।
उमंग, दिवांश एवं दिव्यवे ने ‘तेरी मिट्टी में मिल जावाँ’ देशभक्ति गीत पर भावपूर्ण प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति शहीदों के प्रति सम्मान और राष्ट्रप्रेम की भावनाओं से ओत-प्रोत रही। गीत के माध्यम से विद्यार्थियों ने मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों के त्याग को याद किया। इस दौरान सभागार में मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच भी भावनात्मक माहौल दिखाई दिया।
कार्यक्रम में कविता और भाषण ने भी स्वतंत्रता दिवस के संदेश को प्रभावी बनाया। प्रेमपाल, प्रगति एवं यश शर्मा ने अपनी कविताओं के माध्यम से देशप्रेम, स्वतंत्रता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावनाओं को प्रभावशाली शब्दों में प्रस्तुत किया। वहीं वंशिका एवं प्रियंशु ने भाषण के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक महत्व और वर्तमान समय में युवाओं की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने तथा अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उनके संबोधन में युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की भावना प्रमुख रही।
इसके बाद कृति एवं समूह की सामूहिक नृत्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम में नई ऊर्जा का संचार किया। समूह ने सामूहिक तालमेल और आकर्षक प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन करने के साथ देशभक्ति का संदेश भी दिया। विद्यार्थियों की अलग-अलग प्रस्तुतियों में जहां सांस्कृतिक विविधता देखने को मिली, वहीं प्रत्येक कार्यक्रम में स्वतंत्रता दिवस की भावना को केंद्र में रखा गया।
समारोह का विशेष आकर्षण खुशी, रोहित, प्रगति, दिव्यांशु, विजय, शांता, शौर्य, आशु, गोपाल, वंशिका एवं वरुण की अभिनय प्रस्तुति रही। विद्यार्थियों ने अभिनय के माध्यम से देश के विभाजन और स्वतंत्रता प्राप्ति की ऐतिहासिक कहानी को प्रभावशाली तरीके से मंच पर प्रस्तुत किया। अभिनय के दौरान आजादी के संघर्ष, विभाजन की पीड़ा और उस दौर में आम लोगों द्वारा झेली गई कठिनाइयों को भावपूर्ण अंदाज में दिखाया गया। प्रस्तुति ने स्वतंत्रता प्राप्ति के साथ जुड़ी ऐतिहासिक परिस्थितियों और विभाजन के दर्द को दर्शकों के सामने रखा। विद्यार्थियों के अभिनय ने कार्यक्रम को गंभीर और भावनात्मक आयाम प्रदान किया।
सामूहिक एवं एकल गायन की प्रस्तुतियों ने भी समारोह को विशेष बनाया। अबीर, वृद्धि, सोनाक्षी, मुस्कान मित्तल, टिया, अर्चित, गौरी, श्वेता सिंह, शगुन एवं शिवांश ने ‘देश मेरे, मेरी जान है तू’ और ‘जय हो’ जैसे देशभक्ति गीतों के माध्यम से अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की आवाज में देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति से पूरा वातावरण राष्ट्रप्रेम और उत्साह से भर गया। गायन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों को भी देशभक्ति की भावना से जोड़ दिया।
इसके अतिरिक्त किंजल ने भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने विचारों के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस के महत्व और राष्ट्र के प्रति नागरिकों के दायित्वों को सामने रखा। वहीं वंश माहेश्वरी ने गिटार की मधुर धुन के साथ ‘वंदे मातरम्’ एवं ‘मैं वापस आऊँगा’ जैसे देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। गिटार के साथ प्रस्तुत गीतों ने कार्यक्रम के माहौल को और भावपूर्ण बना दिया। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं में देशप्रेम, राष्ट्रगौरव और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना को और प्रबल किया।
कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी खुशबू एवं अक्षरा शर्मा ने संभाली। दोनों छात्राओं ने अपनी एंकरिंग के माध्यम से कार्यक्रम की विभिन्न प्रस्तुतियों को क्रमबद्ध रूप से जोड़ा और आयोजन को सहज एवं आकर्षक बनाए रखा। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के महत्व से जुड़े विचारों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच तालमेल स्थापित किया। मंच संचालन के दौरान दोनों की प्रस्तुति ने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता भी उल्लेखनीय रही। अर्चित, अबीर, लक्की, आयुष, अंश कुमार एवं यश शर्मा ने विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आयोजन की तैयारियों और संचालन में सहयोग किया। विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयास से समारोह की विभिन्न प्रस्तुतियां समयबद्ध और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुईं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रतिभा के साथ उनकी टीम भावना और आयोजन क्षमता भी सामने आई।
समारोह में संस्थान के निदेशक प्रो. बृजेश रावत की मौजूदगी रही। उनके साथ डॉ. स्वाति माथुर, डॉ. श्वेता चौधरी, डॉ. वाई. के. शर्मा, डॉ. श्वेता गुप्ता एवं सुश्री लकी आर्या भी उपस्थित रहीं। शिक्षकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का उत्साहवर्धन किया और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उनकी सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. रुचिरा प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने समारोह को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी विद्यार्थियों, प्रतिभागियों और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता और उनकी प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को देश के इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर देते हैं। समारोह का समापन देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम की भावना के साथ हुआ। पूरे आयोजन में विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और उत्साह ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को यादगार बना दिया।
