गांधी प्रतिमा परिसर से 14 फीट गहरे क्षतिग्रस्त सीवर टैंक और खुले मेनहोल
आगरा। छावनी क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं और जनसुरक्षा की तस्वीर सिस्टम की बेपरवाही को उजागर कर रही है। कहीं महात्मा गांधी की प्रतिमा बदहाल है तो कहीं उसके परिसर में जलभराव और गंदगी ने लोगों की मुश्किल बढ़ा रखी है। सार्वजनिक शौचालयों के क्षतिग्रस्त सीवर टैंक हादसे को न्योता दे रहे हैं, वहीं कई स्थानों पर खुले मेनहोल बच्चों और राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। दूसरी ओर छावनी की प्रमुख ताज सड़क नंद चौराहा से मंडलायुक्त निवास, राष्ट्रीय तिरंगा चौराहा और सेना के गेट चौराहा तक जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। महत्वपूर्ण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों को जोड़ने वाले इस मार्ग की बदहाली रोजाना आवागमन करने वालों के लिए परेशानी के साथ दुर्घटना की आशंका भी बढ़ा रही है। इन समस्याओं को लेकर पूर्व में छावनी परिषद के अधिकारियों को अवगत कराने और ज्ञापन दिए जाने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

वार्ड नंबर 6 सुल्तानपुरा में एनसी वैदिक इंटर कॉलेज के सामने स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा लंबे समय से जीर्ण-शीर्ण हालत में है। प्रतिमा परिसर के फ्लोर पर पानी भरा रहने के कारण वहां गंदगी फैलती रहती है। इसी परिसर में बना सार्वजनिक शौचालय भी बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है। शौचालय का सीवर टैंक क्षतिग्रस्त पड़ा है, जबकि परिसर में बच्चे भी खेलते रहते हैं। ऐसे में जर्जर सीवर टैंक किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांधी प्रतिमा जैसे सार्वजनिक स्थल की उपेक्षा के साथ नागरिक सुरक्षा से जुड़ी इस समस्या को भी तत्काल दूर किया जाना जरूरी है।
बड़ी बस्ती स्थित बापू वाटिका के पास बने सार्वजनिक शौचालय का सीवर टैंक भी बेहद खराब हालत में है। करीब 14 फीट गहरे इस सीवर टैंक के क्षतिग्रस्त होने से आसपास लगातार बदबू और गंदगी बनी रहती है। इससे लोगों को असुविधा होने के साथ गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा भी बना हुआ है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि खुले और टूटे पड़े इस गहरे सीवर टैंक में बच्चे या कोई अन्य व्यक्ति गिर सकता है। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार इस समस्या की जानकारी पहले भी छावनी परिषद के अधिकारियों को पत्र के माध्यम से दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक इसका समाधान नहीं हुआ।
सुल्तानपुरा में दयानंद बाल मंदिर के पास तथा ग्रांड होटल के समीप सेंट क्लियर स्कूल जाने वाले मार्ग पर भी सीवर के मेनहोल लोगों की सुरक्षा के लिए चुनौती बने हुए हैं। कई मेनहोल पर कवर नहीं लगे हैं। खुले पड़े इन स्थानों से राहगीरों के साथ स्कूली बच्चों के चोटिल होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है। स्थानीय लोगों की मांग है कि सभी खुले मेनहोल को मजबूत कवर से ढका जाए, ताकि किसी गंभीर दुर्घटना की आशंका को समय रहते खत्म किया जा सके।
वार्ड नंबर 8 लालकुर्ती स्थित 411 आर्मी गेट पर नाले से होने वाला जलभराव भी क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। नाले का पानी जमा होने से आसपास गंदगी और असुविधा की स्थिति पैदा होती है। लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी सफाई से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जलभराव के कारणों को दूर करते हुए इसका स्थायी इंतजाम किया जाना चाहिए।
वार्ड नंबर 1 से वार्ड नंबर 8 तक स्थित सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। इन शौचालयों में लाइट और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति दुरुस्त किए जाने की आवश्यकता है। आमजन का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग के इन स्थानों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। नागरिकों ने मांग की है कि सभी सार्वजनिक शौचालयों में नियमित पानी और पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इन समस्याओं के बीच छावनी क्षेत्र की प्रमुख ताज सड़क की बदहाली ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नंद चौराहा से मंडलायुक्त निवास, राष्ट्रीय तिरंगा चौराहा और सेना के गेट चौराहा तक जाने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। कई हिस्सों में सड़क की सतह पूरी तरह टूट चुकी है। लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण मार्ग पर वाहन चालकों और राहगीरों को हर दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ताज सड़क छावनी क्षेत्र के प्रमुख मार्गों में शामिल है। इसके बावजूद सड़क की सतह का जगह-जगह टूटना और गड्ढों का बढ़ना यह बताता है कि रखरखाव व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों को रोजाना इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है, इसलिए सड़क की मरम्मत अब केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि सुरक्षित आवागमन से भी जुड़ा मामला बन गया है।
क्षेत्रीय लोगों ने मांग की है कि नंद चौराहा से मंडलायुक्त निवास, राष्ट्रीय तिरंगा चौराहा और सेना के गेट चौराहा तक पूरी ताज सड़क का निरीक्षण कराया जाए। बड़े गड्ढों को तत्काल भरने के साथ सड़क की पूरी सतह को दुरुस्त किया जाए, ताकि इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन सुरक्षित और सुगम हो सके।

इसी तरह वार्ड नंबर 6 में एनसी वैदिक इंटर कॉलेज के सामने स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा की मरम्मत, परिसर में जलभराव और गंदगी की समस्या का समाधान तथा बापू वाटिका की मरम्मत कर वहां टाइल्स लगाने की मांग भी की जा रही है। दोनों स्थानों पर क्षतिग्रस्त सार्वजनिक शौचालयों के सीवर टैंकों का नवनिर्माण कराने, खुले सीवर मेनहोल पर मजबूत कवर लगाने और वार्ड नंबर 8 लालकुर्ती के 411 आर्मी गेट पर नाले से होने वाले जलभराव को दूर करने की मांग उठ रही है। इसके साथ ही वार्ड नंबर 1 से 8 तक सभी सार्वजनिक शौचालयों में लाइट और पानी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की जरूरत बताई गई है। इस बारे में छावनी परिषद के कार्यालय अधीक्षक कुलविंदर सिंह ने बताया कि मेनहोल पर ढ़क्कन ढ़कने के लिए एस्टीमेट तैयार हो रहा है। जल्द ही सभी को दुरूस्त किया जाएगा। आगरा कैंट की ओर जाने वाली सड़क पर मेट्रो का काम चल रहा है। काम समाप्त होने के बाद रोड को मेट्रो का बनाना है। अन्य के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। जल्द ही टेंडर होने के बाद काम शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन के बाद भी नहीं बदली तस्वीर

गौरतलब है कि पिछले दिनों आगरा शहर कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग की ओर से इन समस्याओं को लेकर छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन दिया गया था। ज्ञापन में महात्मा गांधी की प्रतिमा की मरम्मत, सार्वजनिक शौचालयों और सीवर टैंकों के नवनिर्माण, खुले मेनहोल पर कवर लगाने, जलभराव की समस्या दूर करने तथा सार्वजनिक शौचालयों में लाइट और पानी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की गई थी। इसके बावजूद अभी तक इन समस्याओं का निस्तारण नहीं हो सका है। ऐसे में छावनी क्षेत्र के लोगों की निगाह अब इस बात पर है कि नागरिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े इन मुद्दों पर जिम्मेदार तंत्र कब कार्रवाई करता है।

