आगरा। आगरा में शिव चातुर्य दिवस पर छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता, युद्धकौशल और आगरा से उनकी ऐतिहासिक मुक्ति को याद किया गया। आगरा कॉलेज के गंगाधर शास्त्री भवन में आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के मंत्रियों समेत छत्रपति शिवाजी के सेनापतियों के 14वें वंशज शामिल हुए। कार्यक्रम में गरुड़ झेप पुस्तक एवं पोर्टल का विमोचन हुआ, मराठी कलाकारों ने प्राचीन युद्धकला और नाट्य प्रस्तुतियों से शौर्यगाथा को जीवंत किया। इसी अवसर पर आगरा से राजगढ़ तक 1253 किलोमीटर लंबी गरुड़ झेप यात्रा की जानकारी दी गई। कोठी मीना बाजार में छत्रपति शिवाजी की स्मृति में भव्य संग्रहालय और 100 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित किए जाने की भी जानकारी दी गई।

17 अगस्त 1666 का दिन छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और आगरा के इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण घटना की याद दिलाता है। इसी दिन छत्रपति शिवाजी महाराज अपनी कार्यकुशलता, युद्ध क्षमता और वीरता के बल पर औरंगजेब की कैद से निकलकर आगरा से रवाना हुए थे। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में शिव चातुर्य दिवस कार्यक्रम का आयोजन आगरा कॉलेज के गंगाधर शास्त्री भवन में किया गया। कार्यक्रम के दौरान गंगाधर शास्त्री भवन परिसर जय भवानी, जय शिवाजी के जयघोष से गूंज उठा। महाराष्ट्र से आए छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापतियों के 14वें वंशजों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष बना दिया।
छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापतियों के 14वें वंशज पिछले सात वर्षों से इस ऐतिहासिक घटना की स्मृति में आगरा से राजगढ़ तक 1253 किलोमीटर लंबी गरुड़ झेप यात्रा निकाल रहे हैं। यात्रा लाल किले के सामने स्थित शिवाजी प्रतिमा स्थल से शुरू होती है, जिसमें करीब 1000 धावक और 100 साइकिल सवार शामिल होते हैं। इस बार की यात्रा आगरा से राजगढ़ तक चार राज्यों के 78 शहरों से होकर गुजरेगी। कार्यक्रम में गरुड़ झेप मुहिम की पुस्तक और पोर्टल का भी विमोचन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत सेठ गोगावले, शिवसेना प्रमुख जुन्नार, महाराष्ट्र योगेश बाबू पाटे, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री एवं छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक आगरा के समन्वयक जयकुमार रावल, आगरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीके गौतम और एमटीडीसी के डायरेक्टर नीलेश गटनी ने छत्रपति शिवाजी महाराज और भारत माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संयुक्त रूप से किया। श्री समर्थ गुरु रामदास एवं छत्रपति शिवराय प्रतिष्ठान आगरा की ओर से सभी अतिथियों का महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की संस्कृति के अनुरूप साफा पहनाकर स्वागत किया गया तथा स्मृति चिह्न भेंट किए गए।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास को लेकर इतिहासकारों के शोध के बाद कोठी मीना बाजार स्थित राम सिंह की कोठी को संग्रहालय और स्मारक के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह भव्य संग्रहालय पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की युद्धकुशलता, वीरता और राष्ट्रीय एकता की भावना का स्मरण करते हुए कहा कि 17 अगस्त 1666 को हजारों सैनिकों की निगरानी के बीच अपनी कार्यकुशलता से छत्रपति शिवाजी महाराज अपने पुत्र के साथ आगरा से निकल गए थे। उन्होंने कहा कि यह उनकी रणनीति, साहस और कार्यकुशलता का उदाहरण है।

योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि पिछली सरकारों ने हिंदू शासकों और उनके साम्राज्यों की शौर्यगाथा को इतिहास में अपेक्षित स्थान नहीं दिया और मुगल शासकों की कहानियों का अधिक गुणगान किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि शिवाजी महान और राणा महान जैसे वीर योद्धाओं की शौर्यगाथाएं किताबों में पर्याप्त रूप से क्यों नहीं पढ़ाई गईं। उन्होंने कहा कि देश के हिंदू वीर योद्धाओं के शौर्य और पराक्रम को भी इतिहास में उचित स्थान मिलना चाहिए।
महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत सेठ गोगावले ने कहा कि औरंगजेब जैसे क्रूर शासक ने छत्रपति शिवाजी महाराज को अपमानित करने और बंदी बनाने का काम किया, लेकिन शिवाजी महाराज ने अपनी युद्धकला और कार्यान्वयन क्षमता के बल पर उसका जवाब दिया और हिंदवी स्वराज्य के लिए काम किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने छत्रपति शिवाजी महाराज के स्मारक के लिए नौ करोड़ रुपये की राशि देकर महाराष्ट्र और मराठी समाज को सम्मान देने का काम किया है।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री एवं छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक आगरा के समन्वयक जयकुमार रावल ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने हमेशा अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की। उन्होंने संकट के समय धैर्य बनाए रखने और हिंदुत्व की भावना को जागृत करने का काम किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार शिव चातुर्य दिवस को आनंद दिवस के रूप में मनाने का काम करेगी।
गरुड़ झेप पुस्तक और पोर्टल का विमोचन
आगरा कॉलेज के गंगाधर शास्त्री भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री और अन्य अतिथियों की मौजूदगी में गरुड़ झेप मुहिम की पुस्तक एवं पोर्टल का विमोचन किया गया। गरुड़ झेप संस्था पिछले सात वर्षों से आगरा किला से लेकर पुणे रायगढ़ तक पैदल यात्रा निकालकर छत्रपति शिवाजी महाराज की शौर्यगाथा को नमन करती आ रही है। इस मुहिम के माध्यम से आगरा से राजगढ़ तक की ऐतिहासिक यात्रा और शिवाजी महाराज के शौर्य से जुड़े प्रसंगों को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

नाटक और युद्धकला ने खींचा दर्शकों का ध्यान
कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापतियों के 14वें वंशजों की मौजूदगी के बीच मराठी कलाकारों ने प्राचीन युद्धकला का प्रदर्शन किया। यात्रा संयोजक मारुति आभा गोले ने बताया कि आज भी वे छत्रपति शिवाजी महाराज से प्रेरणा लेकर उनके द्वारा दर्शाई और बताई गई युद्धकला तथा करतबों का अनुसरण करते हैं।
गोवा ओमिडा डांस एवं फिटनेस एकेडमी के कलाकारों ने ‘शिव शौर्य’ नाटक की भव्य प्रस्तुति दी। पुणे के प्रसिद्ध संगीतकार विनायक सोनावने ने हलगी वादन की प्रस्तुति देकर सैकड़ों वर्ष पुरानी कला को जीवंत कर दिया। सुप्रसिद्ध कलाकार शायली जोशी गोडबोले ने राष्ट्रमाता जीजाबाई पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावुक करने के साथ तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। महिला कलाकारों ने तलवारबाजी और लाठी कला का प्रदर्शन भी किया, जो कार्यक्रम में आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा।

कोठी मीना बाजार में बनेगा भव्य संग्रहालय
छत्रपति शिवाजी महाराज की आगरा से जुड़ी ऐतिहासिक स्मृति को स्थायी रूप देने के लिए कोठी मीना बाजार में भव्य स्मारक और संग्रहालय विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम में बताया गया कि मुगल शासक औरंगजेब की कैद में 99 दिन तक रहने के बाद छल और अपनी कार्यकुशलता के माध्यम से शिवाजी महाराज आगरा से निकलने में सफल हुए थे। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के मुताबिक इस स्थल पर छत्रपति शिवाजी महाराज की 100 फुट ऊंची भव्य प्रतिमा भी लगाई जाएगी।
संग्रहालय में छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता, कार्यकुशलता और युद्ध कौशल क्षमता से संबंधित दृश्यों और प्रसंगों को संग्रहित किया जाएगा। इसके निर्माण से उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच आपसी सौहार्द को बढ़ावा मिलने के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से इस कार्य के लिए नौ करोड़ रुपये की धनराशि जिला प्रशासन को अवमुक्त की जा चुकी है।
चार राज्यों के 78 शहरों से गुजरेगी गरुड़ झेप यात्रा
गरुड़ झेप यात्रा के संयोजक मारुति आभा गोले ने बताया कि पहली बार यात्रा पूरी करने में 35 दिन लगे थे और इस दौरान उनका 22 किलोग्राम वजन कम हो गया था। उन्होंने बताया कि इस बार यात्रा आगरा से राजगढ़ तक 1253 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और चार राज्यों के 78 शहरों से होकर गुजरेगी। यात्रा में बड़ी संख्या में धावक और साइकिल सवार शामिल होंगे। यात्रा का उद्देश्य छत्रपति शिवाजी महाराज की ऐतिहासिक स्मृति और शौर्यगाथा को जन-जन तक पहुंचाना है।
मराठी परंपरा में हुआ भव्य स्वागत
छत्रपति शिवाजी महाराज गरुड़ झेप यात्रा का समर्थ गुरु रामदास एवं छत्रपति शिवराय प्रतिष्ठान संस्था की ओर से मराठी परंपरा के अनुरूप भव्य स्वागत किया गया। संस्था के अध्यक्ष डॉ. वात्सल्य उपाध्याय ने कहा कि हिंदुत्व की प्रेरणा देने वाले महान वीर शासक छत्रपति शिवाजी महाराज की स्मृति को जोड़ने वाली इस यात्रा का स्वागत करना उनके लिए गौरव का विषय है।
महाराष्ट्र से आया 100 सदस्यीय दल
कार्यक्रम में महाराष्ट्र से आए करीब 100 सदस्यीय दल ने सहभागिता की। इसमें छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति के 14वें वंशज भी शामिल रहे। गरुड़ झेप मुहिम के अध्यक्ष मारुति गोले, उपाध्यक्ष दिग्विजय सर जे. राव सहित दर्जनों लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह गौरव का क्षण है कि उत्तर प्रदेश में छत्रपति शिवाजी महाराज की स्मृति को समर्पित भव्य संग्रहालय बनने जा रहा है।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र से आए छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति वंशजों के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत सेठ गोगावले, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री जयकुमार रावल, शिवसेना प्रमुख जुन्नार महाराष्ट्र योगेश बाबू पाटे, एमटीडीसी के डायरेक्टर नीलेश गटनी, आगरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीके गौतम, डॉ. वात्सल्य उपाध्याय, डॉ. सिमरन उपाध्याय, विजय गोयल, केके भारद्वाज, दीप विनायक पटेल, एडवोकेट मंगल सिंह, विकास सिंह, करण सिंह धाकड़, देवेश पचौरी, राजेश प्रजापति, ललित शर्मा, दीप विनायक पटेल सहित समर्थ गुरु रामदास एवं छत्रपति शिवराय प्रतिष्ठान संस्था से जुड़े पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस तरह शिव चातुर्य दिवस का आयोजन केवल छत्रपति शिवाजी महाराज की ऐतिहासिक स्मृति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें आगरा से राजगढ़ तक प्रस्तावित 1253 किलोमीटर की गरुड़ झेप यात्रा, शिवाजी महाराज की शौर्यगाथा, प्राचीन युद्धकला, पुस्तक एवं पोर्टल विमोचन तथा कोठी मीना बाजार में प्रस्तावित भव्य संग्रहालय जैसे विषय भी प्रमुखता से सामने आए। कार्यक्रम में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को भी रेखांकित किया गया।
