आगरा। भारतीय महिला फुटबॉल में हॉप्स एफसी दिल्ली ने नया इतिहास रचते हुए आईडब्ल्यूएल-2 2025-26 का खिताब अपने नाम कर लिया। पूरी प्रतियोगिता में टीम ने शानदार खेल, मजबूत डिफेंस और बेहतरीन टीमवर्क का प्रदर्शन करते हुए सभी मुकाबले जीते। टीम की इस ऐतिहासिक सफलता में आगरा फुटबॉल अकादमी की खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ की भी अहम भूमिका रही। भारतीय महिला फुटबॉल के मंच पर हॉप्स एफसी दिल्ली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडियन विमेंस लीग-2 (आईडब्ल्यूएल-2) 2025-26 का खिताब जीतकर नया इतिहास रच दिया। पूरे टूर्नामेंट में टीम ने जिस अनुशासन, आत्मविश्वास और दमदार खेल का प्रदर्शन किया, उसने महिला फुटबॉल में टीम को नई पहचान दिला दी।

हॉप्स एफसी ने ग्रुप चरण से लेकर फाइनल राउंड तक एकतरफा प्रदर्शन किया। टीम ने न सिर्फ अपने सभी मुकाबले जीते बल्कि पूरे टूर्नामेंट में बेहद मजबूत डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए विरोधी टीमों को गोल करने के बहुत कम मौके दिए। यही वजह रही कि फाइनल राउंड में टीम ने एक भी गोल नहीं खाया।

ग्रुप चरण में दिखाया दम
टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में हॉप्स एफसी दिल्ली ने लगातार चार जीत दर्ज कर खिताब की दावेदारी मजबूत कर दी थी। टीम का पहला मुकाबला 22 मार्च 2026 को त्रिशूर में कासा गर्ल्स के खिलाफ हुआ, जिसमें हॉप्स एफसी ने 1-0 से जीत हासिल की।
इसके बाद 24 मार्च को डीकेआर के खिलाफ खेले गए मुकाबले में भी टीम ने 1-0 से जीत दर्ज की। 28 मार्च को केरल यूनाइटेड के खिलाफ टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए 2-0 से मुकाबला अपने नाम किया। वहीं 30 मार्च को क्रीड़ा प्रबोधिनी के खिलाफ हुए मुकाबले में टीम ने 2-1 से जीत हासिल कर ग्रुप चरण का अंत शानदार अंदाज में किया।
ग्रुप चरण में टीम ने चारों मुकाबले जीतकर कुल सात गोल किए जबकि केवल एक गोल खाया। टीम के मजबूत रक्षण और बेहतरीन तालमेल ने विरोधी टीमों को लगातार दबाव में रखा।
फाइनल राउंड में एक भी गोल नहीं खाया
बेंगलुरु में आयोजित फाइनल राउंड में हॉप्स एफसी दिल्ली ने और भी आक्रामक और संतुलित खेल का प्रदर्शन किया। टीम ने अपने सभी पांच मुकाबले जीतकर खिताब पर कब्जा जमाया।
2 मई 2026 को क्रीड़ा प्रबोधिनी के खिलाफ टीम ने 3-0 से बड़ी जीत दर्ज की। इसके बाद 4 मई को मुंबई नाइट्स को 2-0 से हराया। 6 मई को सुरुचि संघ के खिलाफ बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में टीम ने 1-0 से जीत हासिल की।
8 मई को केम्प के खिलाफ खेले गए मुकाबले में भी हॉप्स एफसी ने 1-0 से जीत दर्ज की। वहीं 10 मई को जुबा संघ के खिलाफ अंतिम मुकाबले में टीम ने 1-0 से जीत हासिल कर आईडब्ल्यूएल-2 का खिताब अपने नाम कर लिया।
फाइनल राउंड में टीम ने कुल आठ गोल किए और एक भी गोल नहीं खाया, जिसने टीम के मजबूत डिफेंस और अनुशासित खेल को साबित किया।
टीम की सफलता में कई लोगों का योगदान
इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे क्लब के मालिक संजय यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम को बेहतर सुविधाएं और मजबूत माहौल देने में उनका योगदान लगातार चर्चा में रहा।
इसके अलावा उर्मिला, नरेश, विजय मित्तल, अरुण यादव और मनोज कुमार ने भी टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई।
टीम के मुख्य कोच सोनिका विजरनिया, कोच रवि पुनिया, टीम मैनेजर रेणु सिंधु, टेक्निकल हेड अश्विनी, कोच सुनील, कोच गौरव पासवान, कोच नरेंद्र, कृष्ण मुरारी, फिजियो कनिका भारद्वाज और अर्चना गोस्वामी की मेहनत भी टीम की जीत की बड़ी वजह बनी।
रवि पुनिया के मार्गदर्शन में यूपी टीम का शानदार प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश टीम के मुख्य कोच रवि पुनिया ने 2025-26 सत्र में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। उनके मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश टीम ने अंडर-14 राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
इसके अलावा अंडर-17 राष्ट्रीय प्रतियोगिता में टीम ने रजत पदक और सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल किया। लगातार बेहतर प्रदर्शन के चलते रवि पुनिया की कोचिंग की भी खेल जगत में सराहना हो रही है।
आगरा की बेटियों ने बढ़ाया जिले का मान
हॉप्स एफसी की विजेता टीम में आगरा फुटबॉल अकादमी के 15 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। आगरा की श्रुति जादौन और उत्तर प्रदेश की हीना खातून ने भी टीम का प्रतिनिधित्व किया।
इस उपलब्धि को आगरा और उत्तर प्रदेश फुटबॉल के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है। महिला खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि अगर सही मंच और अवसर मिले तो बेटियां देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकती हैं।
टीम की इस ऐतिहासिक जीत पर उत्तर प्रदेश फुटबॉल संघ के सचिव मोहम्मद शाहिद और आगरा फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष बिल्लू चौहान ने खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जीत आगरा और उत्तर प्रदेश फुटबॉल के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
