फतेहाबाद | फतेहाबाद तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत शेखुपुर के उपग्राम झारपुरा में आबादी के बीच स्थित पुराना तालाब ग्रामीणों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। इस समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी स्वाति शर्मा को ज्ञापन सौंपकर समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि तालाब में आए दिन पशु गिरकर घायल हो रहे हैं और बच्चों की सुरक्षा को भी खतरा बना हुआ है, इसलिए आबादी से बाहर नई जगह पर तालाब खुदवाने और पुराने स्थान पर विकास कार्य कराने की मांग की गई है।
सोमवार को फतेहाबाद तहसील में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और तहसील मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी स्वाति शर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए गांव झारपुरा में स्थित तालाब से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बीचों-बीच स्थित यह तालाब काफी पुराना और गहरा है, जिससे लगातार हादसे की स्थिति बनी रहती है। कई बार पशु इस तालाब में गिरकर घायल हो चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी हमेशा चिंता बनी रहती है, क्योंकि तालाब आबादी क्षेत्र के बेहद करीब स्थित है।
स्थिति को गंभीर देखते हुए ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पहल करते हुए तालाब में मिट्टी डालकर उसे अस्थायी रूप से बंद करने का प्रयास किया, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल अस्थायी समाधान है और स्थायी समाधान के लिए प्रशासनिक हस्तक्षेप आवश्यक है।
इस दौरान तहसील प्रवक्ता गोविंद सेंथिया ने जानकारी दी कि ग्रामीणों ने गांव की आबादी से बाहर तालाब के लिए नई भूमि का प्रबंध कर लिया है। यह भूमि विधिवत रूप से खरीदी जा चुकी है और उसका बैनामा भी पूरा हो चुका है। यूनियन की मांग है कि प्रशासन इस भूमि को सरकारी अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज करे और वहां जल्द से जल्द खुदाई का कार्य शुरू कराया जाए।
ग्रामीणों ने यह भी सुझाव दिया कि पुराने तालाब की भूमि को खाली कराकर वहां ग्राम समाज की किसी लाभकारी योजना के तहत विकास कार्य किए जाएं। प्रस्ताव में यह मांग भी शामिल है कि पुराने तालाब की जगह पर बारातघर या सार्वजनिक पार्क का निर्माण कराया जाए, जिससे गांव के लोगों को सामाजिक और सार्वजनिक सुविधाएं मिल सकें और क्षेत्र का समुचित विकास हो सके।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि गांव में वर्षों से चली आ रही इस समस्या का समाधान अब आवश्यक हो गया है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़े हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र निर्णय लेकर नई जगह तालाब खुदाई की प्रक्रिया शुरू कराने की अपील की।
इस मौके पर अवधेश ठाकुर, गोविंद सेंथिया, रामलाल, ब्रह्मलाल, छोटेलाल रघुवंशी, चंद्रमोहन, मुन्नालाल, जितेंद्र, रामनिवास, विनोद, गीतम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से मांग की कि इस समस्या का स्थायी समाधान जल्द से जल्द किया जाए ताकि गांव में सुरक्षा और विकास दोनों सुनिश्चित हो सकें।
प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा और गांव को सुरक्षित एवं विकसित दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।

