औचक निरीक्षण में खुली बेसिक शिक्षा विभाग की पोल, कई स्कूल बंद मिले, BEO पर भी कार्रवाई
सार
जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर जिले के बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में मंगलवार सुबह कराए गए औचक निरीक्षण में भारी लापरवाही सामने आई। 27 विद्यालयों के निरीक्षण में 40 शिक्षक अनुपस्थित मिले, कई स्कूल समय पर नहीं खुले। बंद विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निलंबित करने, अनुपस्थित शिक्षकों का 12 मई का वेतन काटने तथा संबंधित BEO को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही गंभीर अनियमितताओं पर बीएसए को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

आगरा। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मंगलवार सुबह प्रशासन ने बड़ा औचक निरीक्षण अभियान चलाया। जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह के नेतृत्व में विकास खंड अधिकारियों (बीडीओ) और सहायक विकास अधिकारियों (ADO) ने सुबह 8 बजे से 8:30 बजे के बीच विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शिक्षा व्यवस्था की हालत बेहद खराब मिली। कई विद्यालय बंद पाए गए, जबकि बड़ी संख्या में शिक्षक अनुपस्थित मिले।
प्रशासन द्वारा जिले के विभिन्न विकास खंडों में कुल 27 विद्यालयों का निरीक्षण किया गया। जांच में 40 शिक्षक बिना अनुमति अनुपस्थित पाए गए। अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अनुपस्थित शिक्षकों का 12 मई 2026 का वेतन काटने का आदेश जारी किया गया है।
निरीक्षण के दौरान एत्मादपुर, बाह, फतेहाबाद, बिचपुरी और शमशाबाद ब्लॉकों में शिक्षक उपस्थिति अत्यंत खराब पाई गई। कई विद्यालयों में निर्धारित समय तक शिक्षक नहीं पहुंचे थे। वहीं कुछ स्कूल निरीक्षण के समय पूरी तरह बंद मिले। बंद विद्यालयों में अकोला, जगनेर, जैतपुर कलां और फतेहाबाद ब्लॉक के विद्यालय शामिल रहे।
विद्यालयों के बंद मिलने को प्रशासन ने बेहद गंभीर माना है। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी ने बंद पाए गए विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान केवल शिक्षक उपस्थिति ही नहीं, बल्कि शैक्षिक व्यवस्थाओं में भी कई खामियां सामने आईं। कई विद्यालयों में छात्रों को पाठ्यपुस्तकें और कार्यपुस्तिकाएं पूरी तरह वितरित नहीं की गई थीं। वहीं शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) और शिक्षक संदर्शिका का उपयोग भी संतोषजनक नहीं मिला। अधिकारियों ने माना कि विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने पूरे मामले की तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिम्मेदार कार्मिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय की जा सके।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्पष्ट कहा है कि बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्कूलों की निगरानी के लिए आगे भी औचक निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा और लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में खलबली मची हुई है। लंबे समय से विद्यालयों में शिक्षक अनुपस्थिति और समय से स्कूल न खुलने की शिकायतें मिल रही थीं। अब प्रशासनिक सख्ती के बाद विभागीय अधिकारियों और शिक्षकों में जवाबदेही को लेकर दबाव बढ़ गया है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है।
