आगरा के क्वीन विक्टोरिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित दंत स्वास्थ्य जागरूकता शिविर के दौरान डॉक्टर्स ने बताया कि भारत में करीब 52 प्रतिशत किशोर दांतों की विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिनमें कैविटी, मसूड़ों से खून आना और दांतों की सड़न प्रमुख हैं। समय पर इलाज और सही दिनचर्या न अपनाने से यह समस्याएं और गंभीर हो जाती हैं। विशेषज्ञों ने दांतों को मजबूत, स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने के लिए नियमित ब्रशिंग, फ्लॉसिंग, संतुलित आहार और समय-समय पर डेंटल चेकअप को जरूरी बताया।

आगरा। हरीपर्वत स्थित क्वीन विक्टोरिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में मंगलवार को छात्राओं और शिक्षिकाओं के लिए निःशुल्क दंत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन कॉस्मोडेंट डेंटल एंड कॉस्मेटिक क्लिनिक की डॉ. नताशा यादव की पहल पर किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रधानाचार्य जॉयस सीलास ने की।
शिविर में डॉक्टर्स ने दांतों से जुड़ी बढ़ती समस्याओं पर गंभीर चिंता जताई। कॉस्मेटिक एंड डेंटल सर्जन डॉ. नताशा यादव ने बताया कि भारत में लगभग 52 प्रतिशत किशोर दांतों की समस्याओं से प्रभावित हैं, जिनमें कैविटी, दांतों में सड़न, मसूड़ों में सूजन और खून आना जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज न मिलने से यह समस्याएं और गंभीर रूप ले लेती हैं और आगे चलकर संपूर्ण स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकती हैं।
उन्होंने बताया कि दांतों की सही देखभाल के लिए केवल ब्रश करना पर्याप्त नहीं है। ब्रश केवल दांतों की लगभग 60 प्रतिशत सतह को ही साफ करता है, जबकि बाकी हिस्से की सफाई के लिए फ्लॉस करना आवश्यक है। दिन में दो बार, दो मिनट तक सही तकनीक से ब्रश करना और जीभ की सफाई करना भी जरूरी है, जिससे बैक्टीरिया और बदबू की समस्या खत्म होती है।
दांतों को मजबूत और चमकदार बनाने के लिए संतुलित आहार लेने की सलाह दी, जिसमें कैल्शियम, विटामिन डी और प्रोटीन युक्त भोजन शामिल हो। साथ ही मीठे और चिपचिपे खाद्य पदार्थों के अत्यधिक सेवन से बचने को कहा गया, क्योंकि ये दांतों में कैविटी का प्रमुख कारण बनते हैं।
शिविर में यह भी बताया गया कि नियमित डेंटल चेकअप से शुरुआती स्तर पर ही दांतों की समस्याओं का पता लगाकर उनका इलाज किया जा सकता है, जिससे गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि धूम्रपान, तंबाकू और गुटखे का सेवन दांतों और मसूड़ों के लिए बेहद हानिकारक है और इससे ओरल कैंसर तक का खतरा बढ़ जाता है।
डॉ. नताशा यादव ने छात्राओं को स्किन और ओरल हेल्थ के बीच संबंध समझाते हुए बताया कि स्वस्थ दांत केवल सुंदर मुस्कान ही नहीं देते, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि सही देखभाल से दांत लंबे समय तक मजबूत और सफेद बनाए रखे जा सकते हैं।
विद्यालय की प्रधानाचार्या जॉयस सीलास ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए स्वास्थ्य जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने इस आयोजन को उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं और शिक्षिकाओं को ओरल केयर गाइड और हेल्थ टिप्स से जुड़े पम्फलेट वितरित किए गए।
