• विश्वविद्यालय में गोपनीय विभाग के अधीक्षक को भावभीनी विदाई
• 37 वर्षों की सेवा के बाद ज्ञानेश तिवारी हुए सेवानिवृत्त
• समारोह में अधिकारियों व कर्मचारियों ने दी शुभकामनाएं
आगरा: आगरा स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के गोपनीय विभाग में लंबे समय तक सेवाएं देने वाले अधीक्षक ज्ञानेश तिवारी के सेवानिवृत्त होने पर केंद्रीय पुस्तकालय सभागार में भव्य विदाई समारोह आयोजित किया गया। 37 वर्षों की सेवा के दौरान उनके योगदान, अनुशासन और समर्पण को याद करते हुए विश्वविद्यालय परिवार ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के गोपनीय विभाग में कार्यरत वरिष्ठ अधीक्षक ज्ञानेश तिवारी अपने 60 वर्ष की अधिवर्षता आयु पूर्ण करने के बाद आज सेवा से सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन और कर्मचारियों द्वारा श्री रंगनाथन केंद्रीय पुस्तकालय, पालीवाल पार्क परिसर स्थित सभागार में एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया।
समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के पदाधिकारी, विभागीय सहकर्मी तथा अनेक कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने ज्ञानेश तिवारी के लंबे कार्यकाल को याद करते हुए उनके अनुशासन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान सहकर्मियों ने उन्हें माल्यार्पण कर सम्मानित किया तथा स्मृति चिन्ह और उपहार भेंट किए।

वक्ताओं ने बताया कि ज्ञानेश तिवारी ने 1 जुलाई 1989 को विश्वविद्यालय सेवा में प्रवेश किया था। अपने लगभग 37 वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने कुलपति कार्यालय, के.एम.आई., गृह विज्ञान संस्थान, गोपनीय विभाग और शोध विभाग सहित कई महत्वपूर्ण शाखाओं में अपनी सेवाएं दीं। उनके कार्यकाल को सदैव जिम्मेदारीपूर्ण कार्यशैली और शांत स्वभाव के लिए जाना जाता रहा।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली में गोपनीय विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और ऐसे संवेदनशील विभाग में तिवारी ने लंबे समय तक पूरी निष्ठा के साथ कार्य किया। उनके व्यवहार और कार्यशैली ने न केवल विभाग को मजबूती दी बल्कि अन्य कर्मचारियों के लिए भी एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने अपने संदेश में कहा कि ज्ञानेश तिवारी जैसे समर्पित कर्मचारी संस्थान की वास्तविक पूंजी होते हैं। उन्होंने कहा कि उनके योगदान को सदैव सम्मान के साथ याद किया जाएगा और उनके उत्तम स्वास्थ्य व सुखद जीवन की कामना की गई।
कुलसचिव अजय मिश्रा ने भी अपने संदेश में तिवारी की कार्यनिष्ठा, सहयोगात्मक व्यवहार और सकारात्मक सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनका अनुभव और अनुशासन युवा कर्मचारियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।
समारोह के दौरान सहकर्मियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए भावुक क्षणों को याद किया और उनके साथ बिताए वर्षों को अविस्मरणीय बताया। कई कर्मचारियों ने कहा कि तिवारी का मार्गदर्शन हमेशा सहयोगपूर्ण और प्रेरणादायक रहा।
कार्यक्रम का वातावरण भावनात्मक रहा, जहां विदाई के समय सभी की आंखें नम थीं। पूरे सभागार में एक सम्मान और अपनत्व का माहौल देखने को मिला।
यह आयोजन न केवल एक कर्मचारी की सेवानिवृत्ति का अवसर था, बल्कि विश्वविद्यालय परिवार की एकता, पारस्परिक सम्मान और मानवीय संबंधों की मजबूत परंपरा का प्रतीक भी बना। अंत में सभी ने ज्ञानेश तिवारी के स्वस्थ, सुखद और शांतिपूर्ण सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।
