1. अज्ञात कारणों से लगी आग, खेत में मचा हड़कंप
2. ग्रामीणों ने बुझाने का किया प्रयास, नहीं बच सका भूसा
3. फायर ब्रिगेड ने पाया काबू, किसान को भारी नुकसान
फतेहाबाद। थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव नगरिया में सोमवार दोपहर अचानक अज्ञात कारणों से लगी आग ने एक किसान की मेहनत पर पानी फेर दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते किसान के दो भूसे के कूप और एक बिटोरा पूरी तरह जलकर राख हो गया। आग लगने से न केवल पशुओं के चारे का भारी नुकसान हुआ, बल्कि खेत में रखी गेहूं की छह बोरियां भी जलकर नष्ट हो गईं। घटना के बाद ग्रामीणों और किसान परिवार में अफरा-तफरी मच गई।

घटना गांव नगरिया निवासी किसान मौहर सिंह के खेत की है। जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर खेत में रखे भूसे के कूप में अचानक आग लग गई। शुरुआत में लोगों को इसका कारण समझ नहीं आया, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग ने तेज लपटों का रूप ले लिया और आसपास फैलने लगी।
आग की ऊंची-ऊंची लपटें और धुआं उठता देख आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और मिट्टी व पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेज थी कि उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो गया।
इसी बीच आग पास में रखे दूसरे भूसे के कूप और एक बिटोरा तक पहुंच गई। देखते ही देखते दोनों भूसे के कूप और बिटोरा आग की चपेट में आ गए और पूरी तरह जलकर राख हो गए। ग्रामीणों के लगातार प्रयास के बावजूद आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
घटना की सूचना तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। दमकल कर्मियों ने काफी देर तक पानी डालकर आग को पूरी तरह बुझाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और भारी नुकसान हो चुका था।
पीड़ित किसान मौहर सिंह ने बताया कि उनके खेत में पशुओं के चारे के लिए भूसा सुरक्षित रखा गया था। इसके साथ ही करीब छह बोरी गेहूं भी वहां रखी हुई थी, जो पूरी तरह आग की चपेट में आकर नष्ट हो गईं। उन्होंने कहा कि अचानक लगी इस आग ने उनकी सालभर की मेहनत पर बड़ा नुकसान पहुंचाया है।
आग लगने के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल सका है। ग्रामीणों के अनुसार संभव है कि आग किसी चिंगारी या किसी अन्य अज्ञात कारण से लगी हो, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।
घटना के बाद गांव में माहौल तनावपूर्ण हो गया और किसान परिवार गहरे सदमे में है। पशुओं के चारे के पूरी तरह नष्ट हो जाने से अब उनके सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित किसान को आर्थिक सहायता देने की मांग की है ताकि वह अपने पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कर सके।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में रखे भूसे और फसल अवशेषों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा गई है। किसानों का कहना है कि गर्मी के मौसम में ऐसी घटनाएं अक्सर हो जाती हैं, जिससे भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

